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मंदिर समिति में एक भी नियुक्ति नियम विरुद्ध नहीं
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फोटो
मंदिर समिति में एक भी नियुक्ति नियम विरुद्ध नहीं
पत्रकार वार्ता में बोले पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल
अमर उजाला ब्यूरो
गोपेश्वर। श्री बदरी-केदार मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने कहा कि मंदिर समिति के विद्यालयों में की गई अस्थायी नियुक्तियां नियम विरुद्ध नहीं की गई हैं। विद्यालय प्रबंधन की ओर से विद्यालयों में शिक्षक और कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की गई थी। इस मामले को बेवजह तूल दिया गया है, जो गलत है।
पूर्व अध्यक्ष ने लोनिवि के निरीक्षण भवन में पत्रकार वार्ता कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति के अधीन 51 मठ-मंदिर हैं। इस बार विभिन्न प्राचीन मंदिरों के सुंदरीकरण और जीर्णोद्धार के लिए बजट की व्यवस्था की गई, लेकिन कुछ लोगों को यह रास नहीं आया तो उन्होंने राजनीतिक छवि को धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। किसी भी विद्यालय में स्थायी नियुक्ति नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पूर्व के बीकेटीसी पदाधिकारियों ने मंदिर समिति के बजट से फर्नीचर क्रय कर उसे अपने घर पर लगवाया। इसकी भी शासन से जांच की मांग की जाएगी। इस मौके पर पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष अनसूया प्रसाद भट्ट, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरक सिंह नेगी और भाजपा महामंत्री गजेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
यह था मामला
देवस्थानम् बोर्ड के गठन से पूर्व श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के विभिन्न संस्कृत विद्यालयों में समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल के अनुमोदन पर मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने ज्योतिष शिक्षक, अनुसेवक, लिपिक और भोजन व्यवस्था के लिए 17 लोगों की नियुक्ति की। नियुक्ति बीते वर्ष नवंबर माह की बताई गई। यह नियुक्ति प्रक्रिया सोशल मीडिया पर चर्चा में आने लगी, जिसके बाद कांग्रेस ने नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए। इसके बाद विद्यालय प्रबंधनों ने नियुक्त कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी।
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भाजपा जिला संगठन ने बनाई दूरी
पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल की प्रेस कांफ्रेंस से भाजपा के जिला पदाधिकारी बचते नजर आए। कांफ्रेंस में न ही पार्टी जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट थे न ही अन्य पदाधिकारी। महामंत्री कार्यकर्ताओं के बीच खड़े रहे। इस पर पूर्व अध्यक्ष थपलियाल ने बताया कि जिलाध्यक्ष पार्टी के कार्य से देहरादून गए हैं।
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मंदिर समिति में एक भी नियुक्ति नियम विरुद्ध नहीं
पत्रकार वार्ता में बोले पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल
अमर उजाला ब्यूरो
गोपेश्वर। श्री बदरी-केदार मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने कहा कि मंदिर समिति के विद्यालयों में की गई अस्थायी नियुक्तियां नियम विरुद्ध नहीं की गई हैं। विद्यालय प्रबंधन की ओर से विद्यालयों में शिक्षक और कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की गई थी। इस मामले को बेवजह तूल दिया गया है, जो गलत है।
पूर्व अध्यक्ष ने लोनिवि के निरीक्षण भवन में पत्रकार वार्ता कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति के अधीन 51 मठ-मंदिर हैं। इस बार विभिन्न प्राचीन मंदिरों के सुंदरीकरण और जीर्णोद्धार के लिए बजट की व्यवस्था की गई, लेकिन कुछ लोगों को यह रास नहीं आया तो उन्होंने राजनीतिक छवि को धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। किसी भी विद्यालय में स्थायी नियुक्ति नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पूर्व के बीकेटीसी पदाधिकारियों ने मंदिर समिति के बजट से फर्नीचर क्रय कर उसे अपने घर पर लगवाया। इसकी भी शासन से जांच की मांग की जाएगी। इस मौके पर पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष अनसूया प्रसाद भट्ट, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरक सिंह नेगी और भाजपा महामंत्री गजेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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यह था मामला
देवस्थानम् बोर्ड के गठन से पूर्व श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के विभिन्न संस्कृत विद्यालयों में समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल के अनुमोदन पर मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने ज्योतिष शिक्षक, अनुसेवक, लिपिक और भोजन व्यवस्था के लिए 17 लोगों की नियुक्ति की। नियुक्ति बीते वर्ष नवंबर माह की बताई गई। यह नियुक्ति प्रक्रिया सोशल मीडिया पर चर्चा में आने लगी, जिसके बाद कांग्रेस ने नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए। इसके बाद विद्यालय प्रबंधनों ने नियुक्त कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी।
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भाजपा जिला संगठन ने बनाई दूरी
पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल की प्रेस कांफ्रेंस से भाजपा के जिला पदाधिकारी बचते नजर आए। कांफ्रेंस में न ही पार्टी जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट थे न ही अन्य पदाधिकारी। महामंत्री कार्यकर्ताओं के बीच खड़े रहे। इस पर पूर्व अध्यक्ष थपलियाल ने बताया कि जिलाध्यक्ष पार्टी के कार्य से देहरादून गए हैं।