{"_id":"659ffa2928ec5034c90b2938","slug":"mother-nandas-doli-reached-her-maternal-home-after-staying-at-her-maternal-home-for-six-months-gopeshwar-news-c-47-1-sdrn1002-4068-2024-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: छह माह ननिहाल में रहने के बाद मायके पहुंची मां नंदा की डोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: छह माह ननिहाल में रहने के बाद मायके पहुंची मां नंदा की डोली
Thu, 11 Jan 2024 07:54 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 11 Jan 2024 07:54 PM IST
विज्ञापन
नंदानगर के सेंती गांव पहुंची मां नंदा राजराजेश्वरी की डोली। संवाद
नंदानगर। छह माह तक अपने ननिहाल देवराड़ा में प्रवास करने के बाद बृहस्पतिवार को मां नंदा राजराजेश्वरी की डोली अपने मायके क्षेत्र में पहुंच गई है। विभिन्न पड़ावों से होेते हुए डोली रात्रि प्रवास के लिए सेंती गांव पहुंची। शुक्रवार को मां की डोली अपने सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर में विराजमान होगी।
बीते अगस्त माह में मां नंदा की डोली लोकजात के लिए अपने ससुराल कैलाश के लिए विदा हुई थी। नंदा सप्तमी के दिन वेदनी में पूजा के बाद मां की डोली छह माह प्रवास के लिए देवराड़ा गांव पहुंची थी। देवराड़ा को मां का ननिहाल कहा जाता है। बीते 22 दिसंबर को डोली ने देवराड़ा स्थित मंदिर से कुरुड़ के लिए प्रस्थान किया था। नंदा देवी राजराजेश्वरी डोली के अध्यक्ष नरेश गौड़ ने बताया कि 21 पड़ावों को पार करते हुए डोली बृहस्पतिवार को बांजबगड़ गांव में आदिशक्ति मुंडा माई के मंदिर में पहुंची। कुछ देर यहां विश्राम करने के बाद डोली अपने मायके क्षेत्र में रात्रि प्रवास के लिए सेंती गांव पहुंची। संवाद
विज्ञापन
बीते अगस्त माह में मां नंदा की डोली लोकजात के लिए अपने ससुराल कैलाश के लिए विदा हुई थी। नंदा सप्तमी के दिन वेदनी में पूजा के बाद मां की डोली छह माह प्रवास के लिए देवराड़ा गांव पहुंची थी। देवराड़ा को मां का ननिहाल कहा जाता है। बीते 22 दिसंबर को डोली ने देवराड़ा स्थित मंदिर से कुरुड़ के लिए प्रस्थान किया था। नंदा देवी राजराजेश्वरी डोली के अध्यक्ष नरेश गौड़ ने बताया कि 21 पड़ावों को पार करते हुए डोली बृहस्पतिवार को बांजबगड़ गांव में आदिशक्ति मुंडा माई के मंदिर में पहुंची। कुछ देर यहां विश्राम करने के बाद डोली अपने मायके क्षेत्र में रात्रि प्रवास के लिए सेंती गांव पहुंची। संवाद
विज्ञापन