नीती घाटी के गांवों का भ्रमण करने के बाद लाता गांव की आराध्य देवी मां नंदा अपने मंदिर में विराजमान हो गई हैं। बृहस्पतिवार रात को ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊं की थाप पर मां नंदा के जागर गाए।
नीती घाटी में मां नंदा की दिवारा यात्रा 12 साल में आयोजित होती है। इस साल छह सितंबर को लाता गांव की मां नंदा की दिवारा यात्रा शुरू हुई थी। मां की डोली ने क्षेत्र के तोलमा, फाक्ती, जुम्मा, कागा, द्रोणागिरी, गरपक, सेंगला, जेलम, कोषा, मलारी, कैलाशपुर, मेहरगांव, फरकिया, बांपा, गमशाली, नीती, लोंग, सूकी और भल्लागांव का भ्रमण कर अपने भक्तों को आशीर्वाद दिया। कागा गांव के ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह राणा ने बताया कि मां नंदा ने डोली में 25 दिनों तक गांव-गांव भ्रमण किया। इस दौरान भक्तों ने मां नंदा का फूल-मालाओं से स्वागत किया। मां नंदा की डोली ने यात्रा के दौरान क्षेत्र के क्षेत्रपाल और भूमियाल देवता से भी भेंट की। नंदा की दिवारा यात्रा में शामिल होने के लिए भोटिया जनजाति के कई प्रवासी ग्रामीण भी अपने गांव पहुंचे हुए थे।