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मॉकड्रिल : मंदिर में आतंकी घुसने से मचा भगदड़
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
Updated Sat, 24 Dec 2016 10:11 PM IST
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गोपेश्वर में मॉकड्रिल के दौरान गोपीनाथ मंदिर परिसर में आतंकियों को पकड़े आईटीबीपी जवान।
- फोटो : Amar Ujala
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आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन की ओर से राहत, बचाव कार्य के लिए करवाए मॉक ड्रिल अभ्यास ने लोगों के पसीने छुड़वा दिए। मॉकड्रिल पूर्ण तौर पर गुप्त ढंग से करवाया गया। सेवन डेस्क सिस्टम की जगह पर शुरू हुए इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (घटना की प्रतिक्रिया प्रणाली) के तहत अधिकारियों ने व्यवस्थित ढंग से राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम दिया।
शनिवार को अपराह्न साढ़े बारह बजे समस्त अधिकारी अपने वाहनों समेत स्पोर्ट्स स्टेडियम में पहुंचे। इसके बाद आपदा विशेषज्ञ बीबी गणनायक के निर्देशन में आपदा की मॉकड्रिल शुरू हुई। एक बजे सूचना मिली कि गोपीनाथ मंदिर में आतंकवादी घुस गए हैं। जिस पर कार्रवाई करते हुए आईटीबीपी की एक बटालियन वाहनों से मंदिर की ओर गई।
यहां सभी जवानों ने मंदिर को चारों ओर से घेर लिया। आतंकवादियों के साथ लंबी गोलीबारी में आईटीबीपी के जवानों ने आतंकवादियों को हथियारों के साथ धर दबोचा। मुटभेड़ में हमारे दो सैनिक घायल हुए। वहीं, जिला स्तर पर सूचना मिली कि जीएमवीएन के गेस्ट हाउस में आग लगी है, जिसमें काफी सारे लोग गेस्ट हाउस में फंसे हुए हैं।
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आइटीबीपी और एनसीसी कैडेटों ने मौके पर पहुंच कर चार घायलों को रेस्क्यू कर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। जबकि एक दर्जन से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल दिया गया। इसी दौरान जीआईसी में भूकंप आने की सूचना मिली। इसके बाद एनएसएस, एनसीसी और पुलिस की टीम ने मौके पर जाकर राहत एवं बचाव कार्य किया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि मॉकड्रिल अचानक ही की जाती है।
मॉकड्रिल में अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय का अभाव देखा गया। साथ ही नगर में यातायात को लेकर भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। ऐसे मेें मॉकड्रिल में उपयोग होने वाले वाहनों और एंबुलेंस को कई जगहों पर जाम का सामना करना पड़ा। लापरवाही का आलम यह था कि स्पोर्ट्स स्टेडियम में जीएमवीएन में लगी आग की सूचना मिलने के करीब 25 मिनट बाद रेस्क्यू टीम को रवाना किया गया।
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शनिवार को अपराह्न साढ़े बारह बजे समस्त अधिकारी अपने वाहनों समेत स्पोर्ट्स स्टेडियम में पहुंचे। इसके बाद आपदा विशेषज्ञ बीबी गणनायक के निर्देशन में आपदा की मॉकड्रिल शुरू हुई। एक बजे सूचना मिली कि गोपीनाथ मंदिर में आतंकवादी घुस गए हैं। जिस पर कार्रवाई करते हुए आईटीबीपी की एक बटालियन वाहनों से मंदिर की ओर गई।
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यहां सभी जवानों ने मंदिर को चारों ओर से घेर लिया। आतंकवादियों के साथ लंबी गोलीबारी में आईटीबीपी के जवानों ने आतंकवादियों को हथियारों के साथ धर दबोचा। मुटभेड़ में हमारे दो सैनिक घायल हुए। वहीं, जिला स्तर पर सूचना मिली कि जीएमवीएन के गेस्ट हाउस में आग लगी है, जिसमें काफी सारे लोग गेस्ट हाउस में फंसे हुए हैं।
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आइटीबीपी और एनसीसी कैडेटों ने मौके पर पहुंच कर चार घायलों को रेस्क्यू कर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। जबकि एक दर्जन से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल दिया गया। इसी दौरान जीआईसी में भूकंप आने की सूचना मिली। इसके बाद एनएसएस, एनसीसी और पुलिस की टीम ने मौके पर जाकर राहत एवं बचाव कार्य किया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि मॉकड्रिल अचानक ही की जाती है।
मॉकड्रिल में अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय का अभाव देखा गया। साथ ही नगर में यातायात को लेकर भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। ऐसे मेें मॉकड्रिल में उपयोग होने वाले वाहनों और एंबुलेंस को कई जगहों पर जाम का सामना करना पड़ा। लापरवाही का आलम यह था कि स्पोर्ट्स स्टेडियम में जीएमवीएन में लगी आग की सूचना मिलने के करीब 25 मिनट बाद रेस्क्यू टीम को रवाना किया गया।