{"_id":"6071aa118ebc3e590b345498","slug":"mnrega-scheme-collapsed-in-villages-due-to-workers-strike-gopeshwar-news-drn376140031","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मियों की हड़ताल से गांवों में चौपट हो गई मनरेगा योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मियों की हड़ताल से गांवों में चौपट हो गई मनरेगा योजना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधान संगठन चमोली/दशोली ब्लाक के ग्राम प्रधानों ने शीघ्र मनरेगा कर्मचारियों की मांगों को पूरी कर योजना के विधिवत संचालन की योजना बनाने की मांग उठाई। कहा गया कि कर्मचारियों की हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा योजना चौपट हो गई है। ग्राम प्रधानों ने इस संबंध में सीडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष नयन सिंह कुंवर के नेतृत्व में सीडीओ से मिले ग्राम प्रधानों ने कहा कि मनरेगा कर्मचारियों की हड़ताल से मनरेगा कार्य अधूरे पड़े हैं। स्टीमेट, एमबी और मजदूरों का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा योजना ग्रामीणों की आर्थिकी का मुख्य जरिया बन गया है, लेकिन कर्मचारियों के नियमितीकरण और समायोजन की मांग पर चल रहे आंदोलन से योजना का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने शीघ्र कर्मचारियों की मांगों को शासन स्तर पर हल करने की मांग उठाई। इस मौके पर ग्राम प्रधान कविता देवी, जयंती, रेखा, सरोजनी, दीपा, विजया, सुनीता, आरती, विनीता, सुरेंद्र सिंह, मनोज सिंह, दिगंबर सिंह मौजूद थे।
मनरेगा कर्मियों का धरना जारी
देवाल। नियमितीकरण की मांग को लेकर मनरेगा कर्मियों का धरना 27 वें दिन भी जारी रहा। जिपंस आशा धपोला, प्रधान संघ अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट, खड़क राम, बृजमोहन शाह, हेम मिश्रा, ज्येष्ट उपप्रमुख संगीता बिष्ट, राजेंद्र सिंह ने संगठन की मांग का समर्थन कर कहा कि मनरेगा कर्मियों के कार्य बहिष्कार के कारण गांवों में मनरेगा के काम प्रभावित हो रहे हैं। इस मौके पर भूपाल बिष्ट, कलम बिष्ट, प्रमोद मिश्रा, दलबीर दानू, रणजीत सिंह और संजीव कठैत मौजूद थे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष नयन सिंह कुंवर के नेतृत्व में सीडीओ से मिले ग्राम प्रधानों ने कहा कि मनरेगा कर्मचारियों की हड़ताल से मनरेगा कार्य अधूरे पड़े हैं। स्टीमेट, एमबी और मजदूरों का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा योजना ग्रामीणों की आर्थिकी का मुख्य जरिया बन गया है, लेकिन कर्मचारियों के नियमितीकरण और समायोजन की मांग पर चल रहे आंदोलन से योजना का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने शीघ्र कर्मचारियों की मांगों को शासन स्तर पर हल करने की मांग उठाई। इस मौके पर ग्राम प्रधान कविता देवी, जयंती, रेखा, सरोजनी, दीपा, विजया, सुनीता, आरती, विनीता, सुरेंद्र सिंह, मनोज सिंह, दिगंबर सिंह मौजूद थे।
विज्ञापन
मनरेगा कर्मियों का धरना जारी
देवाल। नियमितीकरण की मांग को लेकर मनरेगा कर्मियों का धरना 27 वें दिन भी जारी रहा। जिपंस आशा धपोला, प्रधान संघ अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट, खड़क राम, बृजमोहन शाह, हेम मिश्रा, ज्येष्ट उपप्रमुख संगीता बिष्ट, राजेंद्र सिंह ने संगठन की मांग का समर्थन कर कहा कि मनरेगा कर्मियों के कार्य बहिष्कार के कारण गांवों में मनरेगा के काम प्रभावित हो रहे हैं। इस मौके पर भूपाल बिष्ट, कलम बिष्ट, प्रमोद मिश्रा, दलबीर दानू, रणजीत सिंह और संजीव कठैत मौजूद थे। संवाद
विज्ञापन