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जनगीत से दिया प्राकृतिक जलस्रोतों को बचाने का संदेश
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वार मेमोरियल राइंका कर्णप्रयाग में लोक जागृति विकास संस्था की ओर से जल साथी पहल कार्यक्रम के अंतर्गत प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान छात्र-छात्राओं को पानी की उपयोगिता व जल संकट के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर लोक जागृति विकास संस्था के सचिव जितेंद्र कुमार ने गों का पंधेरा सूखण लग्यां च यों तें बचावा... जनगीत के माध्यम से लोगों को पानी की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक जलस्रोत लोगों की जीवनधारा है, लेकिन वर्तमान में धरती के बढ़ते तापमान व प्राकृतिक हलचल के कारण हमारे पुुरातन पेयजल स्रोतों पर बुरा असर पड़ रहा है और वे धीरे-धीरे सूख रहे हैं। उन्होंने छात्रों से पेड़-पौधे लगाने और जलस्रोतों के रखरखाव की अपील की। प्रधानाचार्य बीरपाल रावत ने कहा कि गांवों से लेकर शहरों तक लोगों को प्राकृतिक जलस्रोतों की उपयोगिता के बारे में जानकारी देने के लिए विशेष अभियान चलाने की जरूरत है। इस मौके पर आरएल आर्य, अशोक कोठियाल, आर चंद्र, भरत रावत, प्रकाश चौहान, आनंद कुंवर, अनीता डिमरी, किरन कैलखुरा, प्रेरणा रतूड़ी और शिशुपाल डिडोयाल आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के शुभारंभ पर लोक जागृति विकास संस्था के सचिव जितेंद्र कुमार ने गों का पंधेरा सूखण लग्यां च यों तें बचावा... जनगीत के माध्यम से लोगों को पानी की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक जलस्रोत लोगों की जीवनधारा है, लेकिन वर्तमान में धरती के बढ़ते तापमान व प्राकृतिक हलचल के कारण हमारे पुुरातन पेयजल स्रोतों पर बुरा असर पड़ रहा है और वे धीरे-धीरे सूख रहे हैं। उन्होंने छात्रों से पेड़-पौधे लगाने और जलस्रोतों के रखरखाव की अपील की। प्रधानाचार्य बीरपाल रावत ने कहा कि गांवों से लेकर शहरों तक लोगों को प्राकृतिक जलस्रोतों की उपयोगिता के बारे में जानकारी देने के लिए विशेष अभियान चलाने की जरूरत है। इस मौके पर आरएल आर्य, अशोक कोठियाल, आर चंद्र, भरत रावत, प्रकाश चौहान, आनंद कुंवर, अनीता डिमरी, किरन कैलखुरा, प्रेरणा रतूड़ी और शिशुपाल डिडोयाल आदि मौजूद रहे।
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