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एलआईसी कर्मियों ने किया कार्यबहिष्कार
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हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश बजट में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की हिस्सेदारी बेचने और आईपीओ लाने के प्रस्ताव का विरोध शुरू हो गया है। सरकार के इस निर्णय के विरोध में मंगलवार को एलआईसी गोपेश्वर शाखा के सभी कर्मचारियों ने एक घंटे कार्यबहिष्कार किया। वहीं अभिकर्ताओं ने शाखा प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी।
केंद्र सरकार एलआईसी के 10 प्रतिशत शेयर बेचने की तैयारी कर रही है, जिसका विरोध शुरू हो गया है। कर्मचारियों ने कहा कि भविष्य में एलआईसी की स्थिति भी बीएसएनएल की तरह हो सकती है। वहीं सरकार ने बचत करने या टैक्स देने का जो विकल्प रखा है वह भी एलआईसी को प्रभावित करेगा। टैक्स का विकल्प चुनने वाला व्यक्ति क्यों एलआईसी के पास ही इंश्योरेंस कराएगा। वह प्राइवेट कंपनी या अन्य के पास भी जा सकता है। एलआईसी के शाखा प्रबंधक को सौंपे ज्ञापन में अभिकर्ताओं ने कहा यदि सरकार इस निर्णय को वापस नहीं लेती तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह एलआईसी के निजीकरण का पुरजोर विरोध करेंगे। उधर कर्मचारियों ने इसके विरोध में दोपहर साढ़े बारह बजे से डेढ़ बजे तक कार्यबहिष्कार किया। ज्ञापन देने वालों में मंगला कोठियाल, देवेंद्र सिंह, अनसूया प्रसाद पुरोहित, संजय पुरोहित और जयदीप आदि शामिल थे।
नई टिहरी में की तालाबंदी
नई टिहरी। केंद्र सरकार की ओर से एलआईसी से अपनी हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव का एलआईसी कर्मचारियों ने कड़ा विरोध किया। विरोध स्वरूप एलआईसी कर्मचारियों ने एक घंटे तक कार्यबहिष्कार किया। इस दौरान कर्मियों ने नई टिहरी एलआईसी कार्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी की। कर्मियों ने कहा कि आम बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एलआईसी से सरकार की हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव बजट में रखा। कहा हिस्सेदारी बेचने से देश के करोड़ों बीमाधारक प्रभावित होंगे। इस मौके पर विनोद भट्ट, मनमोहन शाह, एके त्यागी, मुन्नी देवी, मयूरेश पाल, अमिताब नेगी, बीएस पंवार, विनोद लाल, विवेक रावत, संजीव कंडवाल, आनंद कृति और अरविंद कुमार आदि उपस्थित रहे।
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केंद्र सरकार एलआईसी के 10 प्रतिशत शेयर बेचने की तैयारी कर रही है, जिसका विरोध शुरू हो गया है। कर्मचारियों ने कहा कि भविष्य में एलआईसी की स्थिति भी बीएसएनएल की तरह हो सकती है। वहीं सरकार ने बचत करने या टैक्स देने का जो विकल्प रखा है वह भी एलआईसी को प्रभावित करेगा। टैक्स का विकल्प चुनने वाला व्यक्ति क्यों एलआईसी के पास ही इंश्योरेंस कराएगा। वह प्राइवेट कंपनी या अन्य के पास भी जा सकता है। एलआईसी के शाखा प्रबंधक को सौंपे ज्ञापन में अभिकर्ताओं ने कहा यदि सरकार इस निर्णय को वापस नहीं लेती तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह एलआईसी के निजीकरण का पुरजोर विरोध करेंगे। उधर कर्मचारियों ने इसके विरोध में दोपहर साढ़े बारह बजे से डेढ़ बजे तक कार्यबहिष्कार किया। ज्ञापन देने वालों में मंगला कोठियाल, देवेंद्र सिंह, अनसूया प्रसाद पुरोहित, संजय पुरोहित और जयदीप आदि शामिल थे।
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नई टिहरी में की तालाबंदी
नई टिहरी। केंद्र सरकार की ओर से एलआईसी से अपनी हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव का एलआईसी कर्मचारियों ने कड़ा विरोध किया। विरोध स्वरूप एलआईसी कर्मचारियों ने एक घंटे तक कार्यबहिष्कार किया। इस दौरान कर्मियों ने नई टिहरी एलआईसी कार्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी की। कर्मियों ने कहा कि आम बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एलआईसी से सरकार की हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव बजट में रखा। कहा हिस्सेदारी बेचने से देश के करोड़ों बीमाधारक प्रभावित होंगे। इस मौके पर विनोद भट्ट, मनमोहन शाह, एके त्यागी, मुन्नी देवी, मयूरेश पाल, अमिताब नेगी, बीएस पंवार, विनोद लाल, विवेक रावत, संजीव कंडवाल, आनंद कृति और अरविंद कुमार आदि उपस्थित रहे।
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