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कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे पर बड़े वाहनों की आवाजाही बंद
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मानसून की पहली ही बारिश पिंडर घाटी की सड़कों पर भारी पड़ी। तेज बारिश की वजह से नारायणबगड़ और नलगांव के बीच मोणाछीना में पुश्ता ढह गया। इससे कर्णप्रयाग-ग्वालदम नेशनल हाईवे पर बुधवार को भारी वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। हल्के वाहन किसी तरह निकलते रहे। बीआरओ ने पुश्ते की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।
बड़े वाहनों की आवाजाही बंद होने से जरूरी सामान भी क्षेत्र में नहीं पहुंच पा रहा है। रामनगर, कोटद्वार, ऋषिकेश और सिमली स्थित आरएफसी गोदाम से होने वाली जरूरी वस्तुओं और खाद्यान्न की आपूर्ति प्रभावित हो गई है।
बीआरओ के द्वितीय कमान अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि चट्टान को काटने के साथ ही इन्हें तोड़ने के लिए विस्फोटक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे अन्य जर्जर हो चुके पुश्तों के भी ढहने की आशंका है। लिहाजा, नीचे से ही कच्चे पुश्ते का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बृहस्पतिवार तक आवाजाही को पहले की तरह सुचारू बना दिए जाने का दावा किया।
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बड़े वाहनों की आवाजाही बंद होने से जरूरी सामान भी क्षेत्र में नहीं पहुंच पा रहा है। रामनगर, कोटद्वार, ऋषिकेश और सिमली स्थित आरएफसी गोदाम से होने वाली जरूरी वस्तुओं और खाद्यान्न की आपूर्ति प्रभावित हो गई है।
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बीआरओ के द्वितीय कमान अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि चट्टान को काटने के साथ ही इन्हें तोड़ने के लिए विस्फोटक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे अन्य जर्जर हो चुके पुश्तों के भी ढहने की आशंका है। लिहाजा, नीचे से ही कच्चे पुश्ते का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बृहस्पतिवार तक आवाजाही को पहले की तरह सुचारू बना दिए जाने का दावा किया।
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