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राज्य मेरिट में चौथे और जिले में पहले स्थान पर रही ज्योत्सना
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
Updated Wed, 25 May 2016 09:36 PM IST
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ज्योत्सना बिष्ट, राज्य मेरिट सूची में पाया चौथा स्थान
- फोटो : Amar Ujala
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उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा की हाईस्कूल परीक्षा में राज्य की मेरिट सूची में चौथा स्थान और जनपद में पहला स्थान प्राप्त करने वाली ज्योत्सना बिष्ट ने बिना ट्यूशन के यह मुकाम हासिल किया है। ज्योत्सना भविष्य में इंजीनियर बनना चाहती है। वह इन दिनों अपनी नानी के घर देहरादून में है। उत्तीर्ण होने की खुशी ज्योत्सना ने अपने ननिहाल में मनाई। उसके पिता दिनेश सिंह बिष्ट गोपेश्वर मुख्य डाक घर में सेवारत हैं और माता पुष्पा बिष्ट गृहणी है।
ज्योत्सना का कहना है कि उसके पिता रात आठ बजे ड्यूटी से आते थे और उसके बाद उसे पढ़ाते थे। वह आगे जाकर और मेहनत कर इंटरमीडिएट में इससे अच्छी परफॉरमेंस देना चाहती है। ज्योत्सना का कहना है कि गणित के पेपर में एक प्रश्न छूट गया था, जिससे मन में नंबर कम आने का मलाल है। वह अपनी इस सफलता के पीछे मम्मी-पापा के साथ ही शिक्षकों की मेहनत मानती है।
डाक्टर बन पहाड़ में सेवा करना चाहते हैं हिमांशु
यहां जीआईसी के इंटरमीडिएट के छात्र हिमांशु बिष्ट ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में राज्य में 13 वीं रैंक प्राप्त की है। हिमांशु भविष्य में डाक्टर बनकर पहाड़ में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना चाहते हैं। वे मौजूदा समय में नीट सेकेंड की तैयारी में जुटे हैं।
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हिमांशु के पिता चंद्रमोहन बिष्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सेवारत हैं, जबकि मां सावित्री बिष्ट गृहणी हैं। हिमांशु मूल रूप से रुद्रप्रयाग जनपद के क्यार्क-कुमेड़ा (सन-दरम्वाड़ी) गांव का रहने वाला है।
हिमांशु का कहना है कि भौतिक विज्ञान का प्रश्न पत्र कठिन आया था। एक बार तो ऐसा लगा कि पिछड़ जाऊंगा, लेकिन कठिन परिश्रम कर यह मुकाम हासिल किया है। हिमांशु अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व शिक्षकों को देते हैं।
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ज्योत्सना का कहना है कि उसके पिता रात आठ बजे ड्यूटी से आते थे और उसके बाद उसे पढ़ाते थे। वह आगे जाकर और मेहनत कर इंटरमीडिएट में इससे अच्छी परफॉरमेंस देना चाहती है। ज्योत्सना का कहना है कि गणित के पेपर में एक प्रश्न छूट गया था, जिससे मन में नंबर कम आने का मलाल है। वह अपनी इस सफलता के पीछे मम्मी-पापा के साथ ही शिक्षकों की मेहनत मानती है।
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डाक्टर बन पहाड़ में सेवा करना चाहते हैं हिमांशु
यहां जीआईसी के इंटरमीडिएट के छात्र हिमांशु बिष्ट ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में राज्य में 13 वीं रैंक प्राप्त की है। हिमांशु भविष्य में डाक्टर बनकर पहाड़ में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना चाहते हैं। वे मौजूदा समय में नीट सेकेंड की तैयारी में जुटे हैं।
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हिमांशु के पिता चंद्रमोहन बिष्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सेवारत हैं, जबकि मां सावित्री बिष्ट गृहणी हैं। हिमांशु मूल रूप से रुद्रप्रयाग जनपद के क्यार्क-कुमेड़ा (सन-दरम्वाड़ी) गांव का रहने वाला है।
हिमांशु का कहना है कि भौतिक विज्ञान का प्रश्न पत्र कठिन आया था। एक बार तो ऐसा लगा कि पिछड़ जाऊंगा, लेकिन कठिन परिश्रम कर यह मुकाम हासिल किया है। हिमांशु अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व शिक्षकों को देते हैं।