लोक निर्माण विभाग गौचर के अधिशासी अभियंता दिनेश बिजल्वाण ने सोमवार को सिमली में पिंडर नदी पर बने रहे मोटर पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य में हो रही देरी पर ठेकेदार को फटकार लगाई और पुल का निर्माण दो माह में पूरा करने के निर्देश दिए। पुल न बनने पर अमर उजाला ने ‘पुल न बनने से 15 हजार की आबादी प्रभावित’ संबंधित खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी जिसका विभाग ने संज्ञान लिया और ईई ने निरीक्षण किया।
लोक निर्माण विभाग गौचर की ओर से सिमली में पिंडर नदी पर विद्यापीठ, नाकोट, बणसोली, कोलाडुंग्री, नौसारी, केलापाणी, कुंडडुंग्रा, र्स्वका, कंडारा, खत्याड़ी, पाडली सहित 40 गांवों की करीब 15 हजार से अधिक आबादी के लिए वर्ष 2016 से 80 मीटर लंबे मोटर पुल का निर्माण किया जा रहा है। साढे़ नौ करोड़ रुपये की लागत से बन रहे लोहे के इस पुल का छह साल में मात्र ढांचा ही तैयार किया जा सका है। पुल पर डामर सहित अन्य काम नहीं किए जाने पर क्षेत्र के लोगों ने आक्रोश जताया ओर से लगातार रोष जताया जताया जा रहा था। इस संबंध में अमर उजाला में 25 फरवरी को खबर छपने के बाद विभाग हरकत में आया और सोमवार को अधिशासी अभियंता दिनेश बिजल्वाण ने सिमली आकर पुल का गहनता से निरीक्षण किया। उन्होंने ठेकेदार को जल्द मजदूर और मशीनें लगाकर पुल का काम पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दो माह के अंदर पुल का काम पूरा कर दिया जाए।