{"_id":"67b7231011ee8301fd01da90","slug":"indian-tradition-is-a-storehouse-of-immense-knowledge-karnpryag-news-c-48-1-kpg1001-112692-2025-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: भारतीय परंपरा अथाह ज्ञान का भंडार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: भारतीय परंपरा अथाह ज्ञान का भंडार
Thu, 20 Feb 2025 06:11 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 20 Feb 2025 06:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
कर्णप्रयाग। डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संस्कृत विभाग की ओर से भारतीय ज्ञान परंपरा में वैश्विक चेतना विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन हुआ। कहा गया कि भारतीय परंपरा अथाह ज्ञान का भंडार है। इस दौरान ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से 30 से अधिक शोधपत्र भी प्रस्तुत हुए। सेमिनार का शुभारंभ करते हुए प्राचार्य डाॅ. बीएन खाली ने कहा कि भारतीय परंपरा अथाह ज्ञान का भंडार है। मुख्य वक्ता गढ़वाल केंद्रीय विवि के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विश्वेश्वर कौशिक ने भारतीय परंपरा में वेदों के महत्व के बारे में बताया। डॉ. डीएस राणा ने प्राचीन काल में पृथ्वी पर मानव की उत्पति कैसे हुई इसके बारे में बताया। जीएलए विवि मथुरा उप्र के डॉ. पंकज यादव, डॉ. आरसी भट्ट, डॉ. प्रवीण मैठाणी, डॉ. सीएम जस्वाण, डॉ. मृगांक मलासी आदि ने विचार रखे। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अंजू अग्रवाल ऑनलाइन जुड़े। संचालन डॉ. एमएल शर्मा और डॉ. वीआर अंथवाल ने किया। संवाद
विज्ञापन
कर्णप्रयाग। डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संस्कृत विभाग की ओर से भारतीय ज्ञान परंपरा में वैश्विक चेतना विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन हुआ। कहा गया कि भारतीय परंपरा अथाह ज्ञान का भंडार है। इस दौरान ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से 30 से अधिक शोधपत्र भी प्रस्तुत हुए। सेमिनार का शुभारंभ करते हुए प्राचार्य डाॅ. बीएन खाली ने कहा कि भारतीय परंपरा अथाह ज्ञान का भंडार है। मुख्य वक्ता गढ़वाल केंद्रीय विवि के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विश्वेश्वर कौशिक ने भारतीय परंपरा में वेदों के महत्व के बारे में बताया। डॉ. डीएस राणा ने प्राचीन काल में पृथ्वी पर मानव की उत्पति कैसे हुई इसके बारे में बताया। जीएलए विवि मथुरा उप्र के डॉ. पंकज यादव, डॉ. आरसी भट्ट, डॉ. प्रवीण मैठाणी, डॉ. सीएम जस्वाण, डॉ. मृगांक मलासी आदि ने विचार रखे। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अंजू अग्रवाल ऑनलाइन जुड़े। संचालन डॉ. एमएल शर्मा और डॉ. वीआर अंथवाल ने किया। संवाद