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सीएचसी गैरसैंण में डॉक्टरों के साथ अभद्रता, धक्कामुक्की
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सड़क दुर्घटना में घायल मरीज को हायर सेंटर रेफर करने के दौरान सीएचसी गैरसैंण के डॉक्टरों व ग्रामीणों में नोंकझोंक हो गई। घायल की स्थिति गंभीर होने पर उसे रेफर कर किया गया, लेकिन घायल के परिजन न होने पर 108 ने उसे ले जाने से मना कर दिया, जिस पर ग्रामीण गुस्सा गए। मामला इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने डॉक्टरों के साथ अभद्र व्यवहार किया और धक्कामुक्की भी हुई।
थानाध्यक्ष सुभाष जखमोला ने बताया कि मालसी गांव निवासी सुरेंद्र सिंह (32) पुत्र आनंद सिंह अपने साथी के साथ बाइक पर पिछली सीट पर बैठकर घर जा रहा था। इसी दौरान हल्द्वानी से कर्णप्रयाग की ओर जा रहे ट्रक को ओवरटेक करते समय बाइक ट्रक के पहिए की चपेट में आ गई और जमीन पर जा गिरी। सड़क पर गिरने से सुरेंद्र सिंह गंभीर से घायल हो गया जबकि साथ को चोटें आई हैं। आसपास के लोगों ने घायलों को सीएचसी गैरसैंण पहुंचाया। सीएचसी के डॉ. फिरोजखान ने बताया कि घायल की स्थिति गंभीर होने पर उसे श्रीनगर रेफर कर दिया गया, लेकिन एंबुलेंस चालक ने घायल के परिजनों के मौके पर न होने के कारण उसे ले जाने से मना कर दिया। इस पर स्थानीय जनप्रतिनिधि बिफर गए। जनप्रतिनिधियों ने इलाज और रेफर करने में देरी करने का आरोप लगाते हुए डॉक्टरों के खिलाफ आक्रोश जताया। इस दौरान ग्रामीणों ने डॉक्टरों के साथ अभद्रता की और धक्कामुक्की भी हुई। डॉ. शुभम मित्तल, डॉ. शिल्पी व डॉ. सौम्या ने कहा कि प्राथमिक उपचार समय से मिल गया था, लेकिन रेफर करने के बाद घायल के परिजन नहीं मिलने पर विलंब हुआ है। संवाद
गैरसैंण थाने में डॉक्टरों ने दी तहरीर
गैरसैंण। सीएचसी गैरसैंण घटना के विरोध में डॉक्टरों ने थाने में लिखित तहरीर दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं ग्रामीणों ने डॉक्टरों के आरोपों को निराधार बताया।
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थाने में दी गई तहरीर में डॉ. शुभम मित्तल, डॉ. शिल्पी व डॉ. सौम्या ने कहा कि हादसे में घायल मरीज के साथ कोई तीमारदार न होने के कारण 108 चिकित्सा सेवा ने घायल को ले जाने से मना कर दिया। उसके बाद मरीज के गांव से एक घंटे बाद परिजन आए। तहरीर में कहा गया है कि इसी दौरान कुछ शरारती तत्वों व तथाकथित नेताओं ने महिला चिकित्साधिकारी को दूरभाष पर अभद्र शब्दों का प्रयोग किया और अन्य चिकित्साधिकारी व पैरामेडिकल स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार, गाली गलौज व धक्का मुक्की की गई। इस पर बृहस्पतिवार को डाक्टरों ने अति आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सुबह डेढ़ घंटे तक कार्यबहिष्कार किया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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थानाध्यक्ष सुभाष जखमोला ने बताया कि मालसी गांव निवासी सुरेंद्र सिंह (32) पुत्र आनंद सिंह अपने साथी के साथ बाइक पर पिछली सीट पर बैठकर घर जा रहा था। इसी दौरान हल्द्वानी से कर्णप्रयाग की ओर जा रहे ट्रक को ओवरटेक करते समय बाइक ट्रक के पहिए की चपेट में आ गई और जमीन पर जा गिरी। सड़क पर गिरने से सुरेंद्र सिंह गंभीर से घायल हो गया जबकि साथ को चोटें आई हैं। आसपास के लोगों ने घायलों को सीएचसी गैरसैंण पहुंचाया। सीएचसी के डॉ. फिरोजखान ने बताया कि घायल की स्थिति गंभीर होने पर उसे श्रीनगर रेफर कर दिया गया, लेकिन एंबुलेंस चालक ने घायल के परिजनों के मौके पर न होने के कारण उसे ले जाने से मना कर दिया। इस पर स्थानीय जनप्रतिनिधि बिफर गए। जनप्रतिनिधियों ने इलाज और रेफर करने में देरी करने का आरोप लगाते हुए डॉक्टरों के खिलाफ आक्रोश जताया। इस दौरान ग्रामीणों ने डॉक्टरों के साथ अभद्रता की और धक्कामुक्की भी हुई। डॉ. शुभम मित्तल, डॉ. शिल्पी व डॉ. सौम्या ने कहा कि प्राथमिक उपचार समय से मिल गया था, लेकिन रेफर करने के बाद घायल के परिजन नहीं मिलने पर विलंब हुआ है। संवाद
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गैरसैंण थाने में डॉक्टरों ने दी तहरीर
गैरसैंण। सीएचसी गैरसैंण घटना के विरोध में डॉक्टरों ने थाने में लिखित तहरीर दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं ग्रामीणों ने डॉक्टरों के आरोपों को निराधार बताया।
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थाने में दी गई तहरीर में डॉ. शुभम मित्तल, डॉ. शिल्पी व डॉ. सौम्या ने कहा कि हादसे में घायल मरीज के साथ कोई तीमारदार न होने के कारण 108 चिकित्सा सेवा ने घायल को ले जाने से मना कर दिया। उसके बाद मरीज के गांव से एक घंटे बाद परिजन आए। तहरीर में कहा गया है कि इसी दौरान कुछ शरारती तत्वों व तथाकथित नेताओं ने महिला चिकित्साधिकारी को दूरभाष पर अभद्र शब्दों का प्रयोग किया और अन्य चिकित्साधिकारी व पैरामेडिकल स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार, गाली गलौज व धक्का मुक्की की गई। इस पर बृहस्पतिवार को डाक्टरों ने अति आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सुबह डेढ़ घंटे तक कार्यबहिष्कार किया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।