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Chamoli News: सुविधाएं न मिलीं तो राजजात यात्रा में शामिल नहीं होगी कुरुड़ की डोली
Mon, 19 May 2025 10:56 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Mon, 19 May 2025 10:56 PM IST
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नंदानगर। नंदा राजजात यात्रा की तैयारियों को लेकर कर्णप्रयाग में हुई बैठक में सिद्धपीठ कुरुड़ की डोलियों और यात्रा पड़ावों में सुविधाएं पर कोई चर्चा न होने से नंदानगर के लोगों में भारी आक्रोश है। सोमवार को सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर में आयोजित बैठक में समिति ने एलान किया कि यदि कुरुड़ के मां नंदा के यात्रा पड़ावों को पर्यटन मानचित्र पर स्थान नहीं दिया गया तो डोली को राजजात यात्रा में शामिल नहीं किया जाएगा।
मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखवीर रौतेला ने कहा कि रविवार को क्षेत्रीय विधायकों के नेतृत्व में कर्णप्रयाग में हुई नंदा राजजात यात्रा तैयारी पर हुई बैठक में सिद्धपीठ कुरुड़ की नंदा डोलियों का जिक्र तक नहीं हुआ। जबकि राजजात यात्रा मां नंदा राजेश्वरी के बिना अधूरी है। मां नंदा की डोली नंदकेशरी में छंतोलियों से मिलती है। यहां से वाण गांव तक मां नंदा ही यात्रा की अगुवाई करती है। वाण गांव से लाटू देवता यात्रा का नेतृत्व करते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।
कहा कि डोली की चर्चा ही न करना एक सोची समझी साजिश है। यह क्षेत्र के 14 सयानों और 372 गांवों का आयोजन है। जिसमें सभी की सहभागिता सुनिश्चित है। नंदा डोली समिति के अध्यक्ष नरेश गौड़ ने कहा कि राजजात यात्रा के लिए सिद्धपीठ कुरुड़ क्षेत्र में यात्रा संबंधी कार्य किए जाएं। पड़ावों पर यात्रा सुविधा मुहैया कराई जाए। मां नंदा की अनदेखी की गई तो कुरुड़ की डोली राजजात में शामिल नहीं होगी।
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मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखवीर रौतेला ने कहा कि रविवार को क्षेत्रीय विधायकों के नेतृत्व में कर्णप्रयाग में हुई नंदा राजजात यात्रा तैयारी पर हुई बैठक में सिद्धपीठ कुरुड़ की नंदा डोलियों का जिक्र तक नहीं हुआ। जबकि राजजात यात्रा मां नंदा राजेश्वरी के बिना अधूरी है। मां नंदा की डोली नंदकेशरी में छंतोलियों से मिलती है। यहां से वाण गांव तक मां नंदा ही यात्रा की अगुवाई करती है। वाण गांव से लाटू देवता यात्रा का नेतृत्व करते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।
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कहा कि डोली की चर्चा ही न करना एक सोची समझी साजिश है। यह क्षेत्र के 14 सयानों और 372 गांवों का आयोजन है। जिसमें सभी की सहभागिता सुनिश्चित है। नंदा डोली समिति के अध्यक्ष नरेश गौड़ ने कहा कि राजजात यात्रा के लिए सिद्धपीठ कुरुड़ क्षेत्र में यात्रा संबंधी कार्य किए जाएं। पड़ावों पर यात्रा सुविधा मुहैया कराई जाए। मां नंदा की अनदेखी की गई तो कुरुड़ की डोली राजजात में शामिल नहीं होगी।
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