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Chamoli News: नृसिंह मंदिर से योग बदरी मंदिर पांडुकेश्वर लाए गाडूघड़ा
Sun, 11 Feb 2024 06:39 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 11 Feb 2024 06:39 PM IST
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फोटो
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया शुरू
14 को वसंत पंचमी पर नरेंद्रनगर राजमहल में घोषित होगी तिथि
संवाद न्यूज एजेंसी
जोशीमठ। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित करने की प्रक्रिया रविवार को शुरू हो गई है। इसके तहत गाडूघड़ा (तेल-कलश) नृसिंह मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद योग बदरी मंदिर पांडुकेश्वर लाया गया। वसंत पंचमी पर 14 फरवरी को नरेंद्रनगर स्थित राजदरबार में कपाट खुलने की तिथि घोषित होगी।
बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि धार्मिक परंपरा के तहत रविवार को नृसिंह मंदिर में बीकेटीसी ने गाडूघड़ा को मंदिर भंडार से निकालकर डिमरी पंचायत के प्रतिनिधियों को सौंपा। नृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद डिमरी पंचायत व मंदिर समिति के प्रतिनिधि गाडूघड़ा के साथ योग बदरी मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचे। पांडुकेश्वर में बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार व डिमरी पंचायत प्रतिनिधियों ने गाडूघड़ा की आगवानी की। वहीं कुबेर महोत्सव में पहुंचे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने गाडूघड़ा का स्वागत किया। इसके बाद बदरीनाथ के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने पूजा-अर्चना की। बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि समिति कपाट खुलने की तैयारियों में जुट गई है। मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने कर्मचारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इस अवसर पर कथा व्यास आचार्य भुवन चंद्र उनियाल, अनूप भंडारी, राजेश मेहता, प्रधान बबीता पंवार, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत प्रतिनिधि सुरेश डिमरी, ज्योतिष डिमरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान आदि मौजूद रहे।
आज पहुंचेगा श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर
जोशीमठ/कर्णप्रयाग। श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी ने बताया कि 12 फरवरी को गाडूघड़ा पांडुकेश्वर से श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर और 13 फरवरी को डिम्मर से ऋषिकेश के लिए रवाना होगा। जबकि वसंत पंचमी के दिन 14 फरवरी को नरेंद्रनगर पहुंचेगा। वसंत पंचमी के दिन भगवान बदरीविशाल के कपाट खुलने की तिथि घोषित होगी। इसी दिन गाडूघड़ा तेलकलश यात्रा की तिथि भी घोषित की जाएगी। कपाट खुलने से पूर्व गाडूघड़ा बदरीनाथ पहुंच जाएगा। वहीं डिम्मर में रामलीला आयोजन की तिथि भी वसंत पंचमी के दिन तय की जाएगी। संवाद
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बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया शुरू
14 को वसंत पंचमी पर नरेंद्रनगर राजमहल में घोषित होगी तिथि
संवाद न्यूज एजेंसी
जोशीमठ। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित करने की प्रक्रिया रविवार को शुरू हो गई है। इसके तहत गाडूघड़ा (तेल-कलश) नृसिंह मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद योग बदरी मंदिर पांडुकेश्वर लाया गया। वसंत पंचमी पर 14 फरवरी को नरेंद्रनगर स्थित राजदरबार में कपाट खुलने की तिथि घोषित होगी।
बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि धार्मिक परंपरा के तहत रविवार को नृसिंह मंदिर में बीकेटीसी ने गाडूघड़ा को मंदिर भंडार से निकालकर डिमरी पंचायत के प्रतिनिधियों को सौंपा। नृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद डिमरी पंचायत व मंदिर समिति के प्रतिनिधि गाडूघड़ा के साथ योग बदरी मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचे। पांडुकेश्वर में बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार व डिमरी पंचायत प्रतिनिधियों ने गाडूघड़ा की आगवानी की। वहीं कुबेर महोत्सव में पहुंचे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने गाडूघड़ा का स्वागत किया। इसके बाद बदरीनाथ के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने पूजा-अर्चना की। बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि समिति कपाट खुलने की तैयारियों में जुट गई है। मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने कर्मचारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इस अवसर पर कथा व्यास आचार्य भुवन चंद्र उनियाल, अनूप भंडारी, राजेश मेहता, प्रधान बबीता पंवार, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत प्रतिनिधि सुरेश डिमरी, ज्योतिष डिमरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान आदि मौजूद रहे।
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आज पहुंचेगा श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर
जोशीमठ/कर्णप्रयाग। श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी ने बताया कि 12 फरवरी को गाडूघड़ा पांडुकेश्वर से श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर और 13 फरवरी को डिम्मर से ऋषिकेश के लिए रवाना होगा। जबकि वसंत पंचमी के दिन 14 फरवरी को नरेंद्रनगर पहुंचेगा। वसंत पंचमी के दिन भगवान बदरीविशाल के कपाट खुलने की तिथि घोषित होगी। इसी दिन गाडूघड़ा तेलकलश यात्रा की तिथि भी घोषित की जाएगी। कपाट खुलने से पूर्व गाडूघड़ा बदरीनाथ पहुंच जाएगा। वहीं डिम्मर में रामलीला आयोजन की तिथि भी वसंत पंचमी के दिन तय की जाएगी। संवाद
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