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देवाल- खेता मानमती सड़क चार दिन से बंद
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देवाल-खेता मानमती सड़क चार दिनों से बंद होने के कारण 12 गांवों का संपर्क कटा हुआ है। ऐसे में लोगों को दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। सड़क बंद होने के कारण यहां खाद्यान्न और सब्जी की आपूर्ति बंद है साथ ही यहां करीब 30 वाहन भी फंसे हुए हैं। सूयालकोट के पास लगातार मलबा गिरने से जेसीबी सड़क खोलने का काम शुरू नहीं कर पा रही है। वहीं पहाड़ी से मलबा गिरने से जो कार मलबे में दबी हुई थी वह पिंडर नदी में समा गई।
सूयालकोट में देवाल-खेता मानमती सड़क बृहस्पतिवार शाम से बंद है। ऐसे में मोपाटा, नलधूरा, मेलखेत, खेता, मानमती, हरमल, सौरीगाड़, हरमल, झलिया, रामपुर, तोरती, चनियाली, उपथर गांव में वाहनों की आवाजाही बंद है। इस कारण से यहां खाद्यान्न, सब्जी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पहाड़ी से पत्थर गिरने से मलबा हटाने का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। लोग पैदल ही खतरनाक रास्ते से आवाजाही कर रहे हैं। मोपाटा के रूपचंद्र कुंवर ने बताया कि यहां पर लगभग 200 मीटर क्षेत्रफल में चट्टान दरक रही है। कहा कि शुक्रवार को मलबे में दबी कार शनिवार को मलबे के साथ पिंडर नदी में समा गई। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भ्रमण पर आ रहे नेताओं और अधिकारियों को कई बार इस क्षेत्र का ट्रीटमेंट करने के लिए कहा गया लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। लिहाजा अब यह क्षेत्र भूस्खलन के कारण खतरनाक बन चुका है। उन्होंने जल्द क्षेत्र के ट्रीटमेंट की मांग उठाई। वहीं पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता प्रमोद गंगाड़ी का कहना है कि यहां पर लगभग 30 मीटर सड़क ध्वस्त हो गई है और पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। पत्थर रुकने के बाद ही सड़क खोलने का काम हो पाएगा।
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सूयालकोट में देवाल-खेता मानमती सड़क बृहस्पतिवार शाम से बंद है। ऐसे में मोपाटा, नलधूरा, मेलखेत, खेता, मानमती, हरमल, सौरीगाड़, हरमल, झलिया, रामपुर, तोरती, चनियाली, उपथर गांव में वाहनों की आवाजाही बंद है। इस कारण से यहां खाद्यान्न, सब्जी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पहाड़ी से पत्थर गिरने से मलबा हटाने का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। लोग पैदल ही खतरनाक रास्ते से आवाजाही कर रहे हैं। मोपाटा के रूपचंद्र कुंवर ने बताया कि यहां पर लगभग 200 मीटर क्षेत्रफल में चट्टान दरक रही है। कहा कि शुक्रवार को मलबे में दबी कार शनिवार को मलबे के साथ पिंडर नदी में समा गई। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भ्रमण पर आ रहे नेताओं और अधिकारियों को कई बार इस क्षेत्र का ट्रीटमेंट करने के लिए कहा गया लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। लिहाजा अब यह क्षेत्र भूस्खलन के कारण खतरनाक बन चुका है। उन्होंने जल्द क्षेत्र के ट्रीटमेंट की मांग उठाई। वहीं पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता प्रमोद गंगाड़ी का कहना है कि यहां पर लगभग 30 मीटर सड़क ध्वस्त हो गई है और पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। पत्थर रुकने के बाद ही सड़क खोलने का काम हो पाएगा।
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