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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   eight thousand pilgrims stranded in badrinath, govindghat and ghangriya.

बदरीनाथ, गोविंदघाट और घांघरिया में अभी फंसे हुए हैं 8000 तीर्थयात्री

Fri, 26 Jun 2015 08:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला Updated Fri, 26 Jun 2015 08:07 PM IST
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दो दिनों तक हुई बारिश के बाद शुक्रवार को भी बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा शुरू नहीं हो पाई है। हालांकि शुक्रवार को मौसम खुलने के साथ ही बदरीनाथ हाईवे को खोलने और हेमकुंड एवं बदरीनाथ में फंसे तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू किया गया।

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 जगह-जगह फंसे 616 तीर्थयात्रियों को रेस्क्यू कर जोशीमठ पहुंचाया गया। बदरीनाथ में करीब चार हजार, गोविंदघाट में एक हजार और घांघरिया में करीब तीन हजार सिख तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। करीब 300 तीर्थयात्री हेमकुंड के पैदल मार्ग से गोविंदघाट पहुंचे।
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शुक्रवार को जोशीमठ से छह हेलीकॉप्टर फंसे तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए लगाए गए। देर शाम तक गोविंदघाट से 446, घांघरिया से 90 और जेपी बैराज से करीब 80 तीर्थयात्रियों को जोशीमठ लाया गया। यहां से तीर्थयात्री अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए, जबकि बदरीनाथ से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं हो पाया। बदरीनाथ में चार हजार तीर्थयात्री फंसे हुए हैं।
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प्रशासन ने यहां सुरक्षा एवं रसद की समुचित व्यवस्था को देखते हुए पहले घांघरिया और गोविंदघाट से तीर्थयात्रियों को रेस्क्यू करना शुरू किया। गोविंदघाट में हेलीकॉप्टर से अपने गंतव्य तक जाने के लिए तीर्थयात्रियों में होड़ लगी हुई है।


अलकनंदा के प्रवाह को देखते हुए बृहस्पतिवार की रात को साढ़े नौ बजे प्रशासन ने गोविंदघाट गुरुद्वारे के नदी साइड के हिस्से को खाली करवा दिया था।

इंसेट
तीन जगहों पर बदरीनाथ हाईवे खुला
जोशीमठ। बदरीनाथ हाईवे कंचन गंगा, रडांग बैंड और लामबगड़ में खुल गया है, लेकिन मारवाड़ी में हाईवे का करीब 30 मीटर हिस्सा बह जाने के कारण यहां पर वाहनों की आवाजाही सुचारु नहीं हो पाई है।

गोविंदघाट पहुंचे राज्य स्तरीय अधिकारी
शुक्रवार को आपदा का निरीक्षण करने के लिए अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार रंजीव रावत, आपदा सचिव मीनाक्षी सुंदरम, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा, डीआईजी संजय गुंज्याल और लोनिवि के सचिव अमित नेगी सुबह पौने आठ बजे हेलीकॉप्टर से गोविंदघाट पहुंचे।


अधिकारियों ने गोविंदघाट में नदी के उफान को देखते हुए गोविंदघाट से रेस्क्यू शुरू करवाने का निर्णय लिया। सबसे पहले महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को रेस्क्यू कर हेलीकॉप्टर से जोशीमठ आर्मी हेलीपैड पहुंचाया गया। बृहस्पतिवार को हेमकुंड के दर्शन कर गोविंदघाट पहुंचे कई तीर्थयात्रियों ने मारवाड़ी तक की दूरी बदरीनाथ हाईवे से पैदल नापी।

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