{"_id":"6ac778763434c55aac05ce0f","slug":"earning-a-good-income-from-farming-alongside-a-job-karnpryag-news-c-48-kpg1001-127137-2026-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: नौकरी के साथ खेती किसानी से हो रही अच्छी कमाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: नौकरी के साथ खेती किसानी से हो रही अच्छी कमाई
Thu, 08 Oct 2026 04:33 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 08 Oct 2026 04:33 PM IST
विज्ञापन
फोटो
जिलासू। तहसील के उत्तरों गांव के अतिथि शिक्षक मुकेश नेगी नौकरी के साथ जैविक खेती कर रहे हैं। वह करीब 9-10 वर्षों से इस काम में जुटे हैं। इस साल उन्हें जैविक सब्जियों से लगभग 45 से 50 हजार रुपये की आमदनी हुई है।
मुकेश नेगी अपने घर में तीन से चार नाली जमीन पर खेती कर रहे हैं। उनके खेत में भिंडी, लौकी, करेला, नींबू, ककड़ी और चिचिंडा जैसी सब्जियां पैदा होती हैं। इन सब्जियों की आपूर्ति वह लंगासू, सोनला और जिलासू क्षेत्र में भी करते हैं। मुकेश नेगी के मुताबिक उन्होंने वर्ष 2026 में अब तक 30 से 35 क्विंटल सब्जियां बेची हैं। यह काम वह स्कूल की छुट्टी के बाद ही करते हैं। मुकेश नेगी की जैविक खेती को देखकर आसपास के कई लोग प्रेरित हुए हैं। वे भी अपनी जमीन पर खेती शुरू कर रहे हैं। मुकेश नेगी कहते हैं कि गांव में रहकर भी खेती से अच्छी आमदनी हो सकती है। उनकी यह पहल स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है। संवाद
विज्ञापन
जिलासू। तहसील के उत्तरों गांव के अतिथि शिक्षक मुकेश नेगी नौकरी के साथ जैविक खेती कर रहे हैं। वह करीब 9-10 वर्षों से इस काम में जुटे हैं। इस साल उन्हें जैविक सब्जियों से लगभग 45 से 50 हजार रुपये की आमदनी हुई है।
मुकेश नेगी अपने घर में तीन से चार नाली जमीन पर खेती कर रहे हैं। उनके खेत में भिंडी, लौकी, करेला, नींबू, ककड़ी और चिचिंडा जैसी सब्जियां पैदा होती हैं। इन सब्जियों की आपूर्ति वह लंगासू, सोनला और जिलासू क्षेत्र में भी करते हैं। मुकेश नेगी के मुताबिक उन्होंने वर्ष 2026 में अब तक 30 से 35 क्विंटल सब्जियां बेची हैं। यह काम वह स्कूल की छुट्टी के बाद ही करते हैं। मुकेश नेगी की जैविक खेती को देखकर आसपास के कई लोग प्रेरित हुए हैं। वे भी अपनी जमीन पर खेती शुरू कर रहे हैं। मुकेश नेगी कहते हैं कि गांव में रहकर भी खेती से अच्छी आमदनी हो सकती है। उनकी यह पहल स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है। संवाद
विज्ञापन