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Chamoli News: चट्टान दरकने से डुंग्री मार्ग 300 मीटर तक ध्वस्त
Thu, 26 Jun 2025 06:59 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 26 Jun 2025 06:59 PM IST
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16 गांवों को जोड़ता है मार्ग, दस हजार से अधिक की आबादी का रास्ता हुआ बंद
संवाद न्यूज एजेंसीथराली। बुधवार रात को हुई भारी बारिश से सोल क्षेत्र के 16 गांवों को जोड़ने वाला थराली डुंग्री मार्ग प्राणमति पुल के पास चट्टान दरकने से करीब 300 मीटर तक ध्वस्त हो गया। ऐसे में सोल घाटी की दस हजार से अधिक की आबादी की आवाजाही बंद हो गई।
सोल संघर्ष समिति के मोहन सिंह गांववासी ने बताया कि प्राणमति पुल के पास सड़क 300 मीटर तक टूटकर नदी में समा गई। ग्रामीणों को थराली तक आने के लिए चार किमी पैदल चलकर पहुंचना पड़ रहा है। यहां हर बरसात में भूस्खलन और चट्टान गिरने से मार्ग क्षतिग्रस्त हो जाता है। पीएमजीएसवाई ने इसके ट्रीटमेंट के लिए लाखों रुपये खर्च कर दिए हैं लेकिन इसका स्थायी ट्रीटमेंट नहीं हो पा रहा है। सड़क खोलने के लिए पीएमजीएसवाई ने जेसीबी लगाई है। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता डीएस भंडारी ने बताया कि सड़क को पहाड़ी की ओर काटकर आवाजाही के लायक बनाया जा रहा है। संवाद
देवाल : भौरियाबगड़ गदेरा उफनाया, 20 किसानों की भूमि नष्ट
गांव की पेयजल योजना टूटी, मत्स्य पालन केंद्र में मछलियां मरीं
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। भारी बारिश से खेता के पास भौरियाबगड़ गदेरा उफान पर आ गया जिससे गांव की कृषि भूमि, मत्स्य पालन केंद्र एवं गांव की पेयजल योजना को नुकसान पहुंचा। मलबा आने से रामपुर-तोरती सड़क भी बंद हो गई। गदेरे के मलबे से मत्स्य पालन केंद्र में मछलियों की काफी संख्या में मौत हुई है। बारिश से हुए नुकसान का एसडीएम पंकज भट्ट व निवर्तमान प्रमुख डॉ. दर्शन दानू ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया।
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गांव से करीब डेढ़-दो किमी ऊपर गदेरे में उफान आने से भौरियाबगड़ में करीब 20 किसानों की भूमि को नुकसान पहुंचा है। लोगों के खेत मलबे से दब गए जबकि पांच क्विंटल मछली का चारा भी मलबे में दब गया। वहीं रामपुर-ताेरती सड़क बंद होने से रामपुर व तोरती गांव की करीब डेढ़ हजार की आबादी का संपर्क कट गया है। बृहस्पतिवार को एसडीएम पंकज भट्ट, निवर्तमान प्रमुख डाॅ. दर्शन दानू व पटवारी पुष्कर सिंह नेगी मौके पर पहुंचे। एसडीएम पंकज भट्ट ने बताया कि गदेरे में उफान आने से हुए नुकसान का निरीक्षण किया गया। पटवारी को खेती के नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। क्षतिग्रस्त सड़क और पेयजल लाइन को जल्द ठीक करने के लिए विभाग को निर्देशित किया गया है।
कुनारबैंड-घेस सड़क खुली
देवाल। सोमवार रात को जगनोल के पास सड़क के नीचे से हुए भूस्खलन से कुनारबैंड-घेस सड़क बंद हो गई थी। मंगलवार की शाम को सड़क चार बजे खुली। घेस के धन सिंह बिष्ट ने बताया कि सड़क बंद होने से दो दिन से घेस व हिमनी का संपर्क कटा रहा। जेसीबी ने सड़क कटिंग की और मंगलवार शाम चार बजे सड़क खुल गई। संवाद
फोटो
नंदानगर की लाइफ लाइन रही बंद, दो किमी चले लोग, मलबे में दबा वाहन
रात को हुई तेज बारिश के कारण आया मलबा, छह घंटे बाद शुरू हुई आवाजाही
नंदानगर के 80 से अधिक गांवों को जोड़ती है यह सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर/नंदानगर। नंदानगर ब्लॉक के 80 से अधिक गांवों को यातायात से जोड़ने वाली नंदप्रयाग-नंदानगर (19 किमी) सड़क मंगरोली गांव के समीप मलबा और बोल्डर आने से करीब छह घंटे तक बंद रही। इस दौरान एक वाहन भी मलबे में दब गया था। सड़क बंद होने से लोगों को सुबह करीब दो किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। साथ ही यहां एक वाहन भी मलबे में दब गया था जिसे जेसीबी की मदद से निकाला गया।
नंदप्रयाग-नंदानगर सड़क नंदानगर ब्लॉक की लाइफलाइन है। क्षेत्र के गांवों को यातायात से जोड़ने वाली यह एकमात्र सड़क है। बुधवार रात को क्षेत्र में तेज बारिश हुई जिससे बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे मंगरोली गांव के समीप करीब 100 मीटर क्षेत्र में पहाड़ी से मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गिरे और आवाजाही बंद हो गई। यहां खड़ा एक वाहन भी मलबे में दब गया। पूर्व ग्राम प्रधान तेजवीर कंडेरी की सूचना पर मौके पर पहुंची लोनिवि की जेसीबी से सड़क खोलने में जुट गई और पूर्वाह्न 11 बजे सड़क सुचारु कर दी गई। सड़क बंद होने से नंदानगर क्षेत्र के लोगों ने करीब दो किमी की दूरी पैदल नापी।
इंसेट
दूसरे दिन खुली छुरागाड-कनोल सड़क
नंदानगर। सुदूरवर्ती कनोल गांव को यातायात से जोड़ने वाली छुरागाड-कनोल (10 किमी) सड़क बृहस्पतिवार को खुल पाई। पीएमजीएसवाई (लोनिवि) कर्णप्रयाग की जेसीबी से सड़क से मलबे को हटाया गया। 24 जून की रात को हुई भारी बारिश से रुमकी बैंड के पास सड़क पर मलबा आ गया था और स्थानीय वाहन सड़क के दूसरी तरफ फंस गए थे। सूचना पर बृहस्पतिवार को जेसीबी पहुंची और छुरागाड से रुमकी बैंड तक जगह-जगह आए मलबे को हटाया। कनोल गांव के महेंद्र सिंह माही, लक्ष्मण सिंह, गंगा सिंह, देवेंद्र सिंह, दरवान सिंह, प्रेम सिंह, लक्ष्मण सिंह ने बरसात को देखते हुए सड़क किनारे एक जेसीबी की तैनात करने की मांग उठाई। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसीथराली। बुधवार रात को हुई भारी बारिश से सोल क्षेत्र के 16 गांवों को जोड़ने वाला थराली डुंग्री मार्ग प्राणमति पुल के पास चट्टान दरकने से करीब 300 मीटर तक ध्वस्त हो गया। ऐसे में सोल घाटी की दस हजार से अधिक की आबादी की आवाजाही बंद हो गई।
सोल संघर्ष समिति के मोहन सिंह गांववासी ने बताया कि प्राणमति पुल के पास सड़क 300 मीटर तक टूटकर नदी में समा गई। ग्रामीणों को थराली तक आने के लिए चार किमी पैदल चलकर पहुंचना पड़ रहा है। यहां हर बरसात में भूस्खलन और चट्टान गिरने से मार्ग क्षतिग्रस्त हो जाता है। पीएमजीएसवाई ने इसके ट्रीटमेंट के लिए लाखों रुपये खर्च कर दिए हैं लेकिन इसका स्थायी ट्रीटमेंट नहीं हो पा रहा है। सड़क खोलने के लिए पीएमजीएसवाई ने जेसीबी लगाई है। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता डीएस भंडारी ने बताया कि सड़क को पहाड़ी की ओर काटकर आवाजाही के लायक बनाया जा रहा है। संवाद
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देवाल : भौरियाबगड़ गदेरा उफनाया, 20 किसानों की भूमि नष्ट
गांव की पेयजल योजना टूटी, मत्स्य पालन केंद्र में मछलियां मरीं
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। भारी बारिश से खेता के पास भौरियाबगड़ गदेरा उफान पर आ गया जिससे गांव की कृषि भूमि, मत्स्य पालन केंद्र एवं गांव की पेयजल योजना को नुकसान पहुंचा। मलबा आने से रामपुर-तोरती सड़क भी बंद हो गई। गदेरे के मलबे से मत्स्य पालन केंद्र में मछलियों की काफी संख्या में मौत हुई है। बारिश से हुए नुकसान का एसडीएम पंकज भट्ट व निवर्तमान प्रमुख डॉ. दर्शन दानू ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया।
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गांव से करीब डेढ़-दो किमी ऊपर गदेरे में उफान आने से भौरियाबगड़ में करीब 20 किसानों की भूमि को नुकसान पहुंचा है। लोगों के खेत मलबे से दब गए जबकि पांच क्विंटल मछली का चारा भी मलबे में दब गया। वहीं रामपुर-ताेरती सड़क बंद होने से रामपुर व तोरती गांव की करीब डेढ़ हजार की आबादी का संपर्क कट गया है। बृहस्पतिवार को एसडीएम पंकज भट्ट, निवर्तमान प्रमुख डाॅ. दर्शन दानू व पटवारी पुष्कर सिंह नेगी मौके पर पहुंचे। एसडीएम पंकज भट्ट ने बताया कि गदेरे में उफान आने से हुए नुकसान का निरीक्षण किया गया। पटवारी को खेती के नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। क्षतिग्रस्त सड़क और पेयजल लाइन को जल्द ठीक करने के लिए विभाग को निर्देशित किया गया है।
कुनारबैंड-घेस सड़क खुली
देवाल। सोमवार रात को जगनोल के पास सड़क के नीचे से हुए भूस्खलन से कुनारबैंड-घेस सड़क बंद हो गई थी। मंगलवार की शाम को सड़क चार बजे खुली। घेस के धन सिंह बिष्ट ने बताया कि सड़क बंद होने से दो दिन से घेस व हिमनी का संपर्क कटा रहा। जेसीबी ने सड़क कटिंग की और मंगलवार शाम चार बजे सड़क खुल गई। संवाद
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नंदानगर की लाइफ लाइन रही बंद, दो किमी चले लोग, मलबे में दबा वाहन
रात को हुई तेज बारिश के कारण आया मलबा, छह घंटे बाद शुरू हुई आवाजाही
नंदानगर के 80 से अधिक गांवों को जोड़ती है यह सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर/नंदानगर। नंदानगर ब्लॉक के 80 से अधिक गांवों को यातायात से जोड़ने वाली नंदप्रयाग-नंदानगर (19 किमी) सड़क मंगरोली गांव के समीप मलबा और बोल्डर आने से करीब छह घंटे तक बंद रही। इस दौरान एक वाहन भी मलबे में दब गया था। सड़क बंद होने से लोगों को सुबह करीब दो किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। साथ ही यहां एक वाहन भी मलबे में दब गया था जिसे जेसीबी की मदद से निकाला गया।
नंदप्रयाग-नंदानगर सड़क नंदानगर ब्लॉक की लाइफलाइन है। क्षेत्र के गांवों को यातायात से जोड़ने वाली यह एकमात्र सड़क है। बुधवार रात को क्षेत्र में तेज बारिश हुई जिससे बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे मंगरोली गांव के समीप करीब 100 मीटर क्षेत्र में पहाड़ी से मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गिरे और आवाजाही बंद हो गई। यहां खड़ा एक वाहन भी मलबे में दब गया। पूर्व ग्राम प्रधान तेजवीर कंडेरी की सूचना पर मौके पर पहुंची लोनिवि की जेसीबी से सड़क खोलने में जुट गई और पूर्वाह्न 11 बजे सड़क सुचारु कर दी गई। सड़क बंद होने से नंदानगर क्षेत्र के लोगों ने करीब दो किमी की दूरी पैदल नापी।
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दूसरे दिन खुली छुरागाड-कनोल सड़क
नंदानगर। सुदूरवर्ती कनोल गांव को यातायात से जोड़ने वाली छुरागाड-कनोल (10 किमी) सड़क बृहस्पतिवार को खुल पाई। पीएमजीएसवाई (लोनिवि) कर्णप्रयाग की जेसीबी से सड़क से मलबे को हटाया गया। 24 जून की रात को हुई भारी बारिश से रुमकी बैंड के पास सड़क पर मलबा आ गया था और स्थानीय वाहन सड़क के दूसरी तरफ फंस गए थे। सूचना पर बृहस्पतिवार को जेसीबी पहुंची और छुरागाड से रुमकी बैंड तक जगह-जगह आए मलबे को हटाया। कनोल गांव के महेंद्र सिंह माही, लक्ष्मण सिंह, गंगा सिंह, देवेंद्र सिंह, दरवान सिंह, प्रेम सिंह, लक्ष्मण सिंह ने बरसात को देखते हुए सड़क किनारे एक जेसीबी की तैनात करने की मांग उठाई। संवाद