जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने सोमवार को आपदा प्रबंधन की बैठक लेते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में बंद सड़कों को जल्द से जल्द खोलने के भी निर्देश दिए। बैठक में सड़क निर्माण कंपनी एनपीसीसी (नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन कंपनी) के अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जिलाधिकारी ने कलक्ट्रेट सभागार में बरसात में हुए नुकसान की समीक्षा करते हुए बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) और एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास) को संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त मशीनें और साइन बोर्ड स्थापित करने के निर्देश दिए। कहा कि जिन विभागों के पास संसाधनों की कमी है इसकी सूचना तत्काल दें। डीएम ने जल संस्थान को पेयजल की आपूर्ति ठप पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के लिए कहा। इस दौरान आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि 15 जून से अब तक आपदा से चार लोगों की मौत हुई है जबकि अभी भी जिले में 33 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। इस दौरान अपर जिलाधिकारी अभिषेक त्रिपाठी, डीएफओ बदरीनाथ रमाकांत तिवारी, एसपी श्वेता चौबे, संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिनव शाह और प्रभारी सीएमओ डा. उमा रावत सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।