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Chamoli News: राजी, खुशी राखी नंदा अपड़ा मैत्यूं थें, जा-जा नंदा ऊंचा कैलासू...
Sat, 09 Sep 2023 07:00 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 09 Sep 2023 07:00 PM IST
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फोटो
कुरुड़ से कैलाश के लिए विदा हुई मां नंदा की डोली, भक्तों को दिया आशीर्वाद
मां नंदा की विदाई पर डोली से लिपटकर रो पड़ीं ध्याणियां
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदानगर (चमोली)। रिमझिम बारिश के बीच आस्था और उत्साह के साथ जब अपने सिद्धपीठ कुरुड़ के प्रांगण से मां नंदा की डोलियां कैलाश के लिए प्रस्थान करने लगीं तो अपनी बेटी को विदा करने के लिए मंदिर में पहुंचे नंदा भक्तों की आंखें भर आईं। ध्याणियां (विवाहित बेटियां) मां नंदा की डोली से लिपटकर खूब रोईं। मां नंदा की डोली भी भक्तों को आशीष देती हुई कैलाश के लिए निकल पड़ीं। ध्याणियों और बुजुर्ग महिलाओं ने राजी, खुशी राखी नंदा अपड़ा मैत्युं थें, जा-जा नंदा ऊंचा कैलासू... गाकर अपनी आराध्य देवी को विदाई दी। रात्रि प्रवास के लिए बधाण की डोली चरबंग और दशोली की डोली कुमजुग पहुंची।
कुरुड़ गांव में स्थित मां नंदा के मंदिर में शनिवार को तड़के से ही देव डोलियों की विशेष पूजा होने लगी। दोपहर दो बजे तक संकल्प पूजा, नंदा की शृंगार पूजा, गणेश वंदन के साथ ही विभिन्न पूजाएं हुईं। भक्तों ने मंदिर पहुंचकर मां नंदा का आशीर्वाद लिया और शृंगार सामग्री भेंट की। अपराह्न तीन बजे मां नंदा ने अपने अवतारी पुरुष पर अवतरित होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया। इसके बाद चरबंग गांव के भूमियाल देवता अवतरित हुए और मां नंदा की डोली पर हाथ लगाकर यात्रा शुरू करने का इशारा किया। इसके बाद शाम चार बजे भक्तों के साथ मां नंदा की डोलियों ने कैलाश के लिए प्रस्थान किया। सबसे पहले बधाण की डोली और उसके बाद दशोली की डोली ने भक्तों से विदा ली तो ध्याणियां और भक्त रो पड़े। भूमियाल देवता के पश्वा ने यात्रा की अगवानी की। भक्तों के जय मां नंदा... के जयघोष से संपूर्ण नंदानगरी गुंजायमान हो उठी। कुरुड़ पुल पर दोनों डोलियों ने विदा ली और बधाण की डोली चरबंग गांव और दशोली की डोली कुमजुग गांव के लिए रवाना हुई। इस दौरान महिलाओं ने चौफुला, झुमेला और जागर गाए। थराली के विधायक भूपाल राम टम्टा, मंदिर कमेटी अध्यक्ष सुखवीर रौतेला, नरेश प्रसाद गौड़, व्यवसायी दौलत सिंह, मेला कमेटी अध्यक्ष रेखा गौड़, तेजवीर कंडेरी, राकेश गौड़, मयंक, प्रकाश गौड़, सत्यप्रसाद के साथ कई भक्तों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की।
लोकनृत्य में कांडा और लोकगीत में चरबंग प्रथम
नंदानगर। कुरुड़ में आयोजित तीन दिवसीय नंदा देवी लोकजात मेले के समापन पर कई सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं हुईं। लोकनृत्य प्रतियोगिता में महिला मंगल दल कांडा प्रथम, घूनी ल्वाणी व पेरी संयुक्त रूप से द्वितीय और सुतोल व बड़गुना संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे। लोकगीत में चरबंग प्रथम, लुंतरा द्वितीय और कुमारतोली तृतीय स्थान पर रहे। युवक मंगलदल लोकनृत्य में ल्वाणी-लुंतरा, जबकि लोकगीतों में भी ल्वाणी-लुंतरा क्रमश: प्रथम और द्वितीय स्थान पर रहे। शिक्षण संस्थाओं के लोकनृत्य प्राथमिक वर्ग में हिमालयन चिल्ड्रन एकेडमी प्रथम, सरस्वती शिशु मंदिर द्वितीय और हिमालयन उदय चिल्ड्रन एकेडमी तृतीय स्थान पर रहे। लोकनृत्य जूनियर वर्ग में अमर शहीद हिम्मत सिंह राजकीय इंटर कॉलेज बांसबाड़ा प्रथम, एसजीआरआर द्वितीय और जीआईसी कुंड बगड़ तृतीय स्थान पर रहे। मेले का संचालन प्रकाश गौड़ और सत्य प्रसाद ने किया। संवाद
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आज बदरीनाथ धाम पहुंचेगी मां राजराजेश्वरी इंद्रामति की डोली
गोपेश्वर। नागपुर पट्टी के कुमेड़ा गांव की आराध्य देवी मां राजराजेश्वरी इंद्रामती की विग्रह डोली आज बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। शनिवार को डोली रात्रि प्रवास के लिए पांडुकेश्वर पहुंची। यहां भक्तों ने डोली का स्वागत किया।
पांडुकेश्वर पहुंचने से पहले माता की डोली जोशीमठ में नृसिंह मंदिर के दर्शनों के लिए पहुंची। यहां डोली ने आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी स्थल के साथ ही शंकराचार्य मठ के दर्शन किए। इसके बाद डोली ने जोशीमठ बाजार में भ्रमण कर भक्तों को दर्शन दिए। माता की विग्रह डोली ने विष्णुप्रयाग में अलकनंदा व धौली गंगा के संगम पर पवित्र स्नान किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष गुलाब सिंह कंडारी ने बताया कि रविवार को डोली अपराह्न बाद बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। सोमवार को अलकनंदा में पवित्र स्नान करने के बाद माता बदरीनाथ धाम के दर्शन करेंगी। संवाद
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कुरुड़ से कैलाश के लिए विदा हुई मां नंदा की डोली, भक्तों को दिया आशीर्वाद
मां नंदा की विदाई पर डोली से लिपटकर रो पड़ीं ध्याणियां
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदानगर (चमोली)। रिमझिम बारिश के बीच आस्था और उत्साह के साथ जब अपने सिद्धपीठ कुरुड़ के प्रांगण से मां नंदा की डोलियां कैलाश के लिए प्रस्थान करने लगीं तो अपनी बेटी को विदा करने के लिए मंदिर में पहुंचे नंदा भक्तों की आंखें भर आईं। ध्याणियां (विवाहित बेटियां) मां नंदा की डोली से लिपटकर खूब रोईं। मां नंदा की डोली भी भक्तों को आशीष देती हुई कैलाश के लिए निकल पड़ीं। ध्याणियों और बुजुर्ग महिलाओं ने राजी, खुशी राखी नंदा अपड़ा मैत्युं थें, जा-जा नंदा ऊंचा कैलासू... गाकर अपनी आराध्य देवी को विदाई दी। रात्रि प्रवास के लिए बधाण की डोली चरबंग और दशोली की डोली कुमजुग पहुंची।
कुरुड़ गांव में स्थित मां नंदा के मंदिर में शनिवार को तड़के से ही देव डोलियों की विशेष पूजा होने लगी। दोपहर दो बजे तक संकल्प पूजा, नंदा की शृंगार पूजा, गणेश वंदन के साथ ही विभिन्न पूजाएं हुईं। भक्तों ने मंदिर पहुंचकर मां नंदा का आशीर्वाद लिया और शृंगार सामग्री भेंट की। अपराह्न तीन बजे मां नंदा ने अपने अवतारी पुरुष पर अवतरित होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया। इसके बाद चरबंग गांव के भूमियाल देवता अवतरित हुए और मां नंदा की डोली पर हाथ लगाकर यात्रा शुरू करने का इशारा किया। इसके बाद शाम चार बजे भक्तों के साथ मां नंदा की डोलियों ने कैलाश के लिए प्रस्थान किया। सबसे पहले बधाण की डोली और उसके बाद दशोली की डोली ने भक्तों से विदा ली तो ध्याणियां और भक्त रो पड़े। भूमियाल देवता के पश्वा ने यात्रा की अगवानी की। भक्तों के जय मां नंदा... के जयघोष से संपूर्ण नंदानगरी गुंजायमान हो उठी। कुरुड़ पुल पर दोनों डोलियों ने विदा ली और बधाण की डोली चरबंग गांव और दशोली की डोली कुमजुग गांव के लिए रवाना हुई। इस दौरान महिलाओं ने चौफुला, झुमेला और जागर गाए। थराली के विधायक भूपाल राम टम्टा, मंदिर कमेटी अध्यक्ष सुखवीर रौतेला, नरेश प्रसाद गौड़, व्यवसायी दौलत सिंह, मेला कमेटी अध्यक्ष रेखा गौड़, तेजवीर कंडेरी, राकेश गौड़, मयंक, प्रकाश गौड़, सत्यप्रसाद के साथ कई भक्तों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की।
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लोकनृत्य में कांडा और लोकगीत में चरबंग प्रथम
नंदानगर। कुरुड़ में आयोजित तीन दिवसीय नंदा देवी लोकजात मेले के समापन पर कई सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं हुईं। लोकनृत्य प्रतियोगिता में महिला मंगल दल कांडा प्रथम, घूनी ल्वाणी व पेरी संयुक्त रूप से द्वितीय और सुतोल व बड़गुना संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे। लोकगीत में चरबंग प्रथम, लुंतरा द्वितीय और कुमारतोली तृतीय स्थान पर रहे। युवक मंगलदल लोकनृत्य में ल्वाणी-लुंतरा, जबकि लोकगीतों में भी ल्वाणी-लुंतरा क्रमश: प्रथम और द्वितीय स्थान पर रहे। शिक्षण संस्थाओं के लोकनृत्य प्राथमिक वर्ग में हिमालयन चिल्ड्रन एकेडमी प्रथम, सरस्वती शिशु मंदिर द्वितीय और हिमालयन उदय चिल्ड्रन एकेडमी तृतीय स्थान पर रहे। लोकनृत्य जूनियर वर्ग में अमर शहीद हिम्मत सिंह राजकीय इंटर कॉलेज बांसबाड़ा प्रथम, एसजीआरआर द्वितीय और जीआईसी कुंड बगड़ तृतीय स्थान पर रहे। मेले का संचालन प्रकाश गौड़ और सत्य प्रसाद ने किया। संवाद
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आज बदरीनाथ धाम पहुंचेगी मां राजराजेश्वरी इंद्रामति की डोली
गोपेश्वर। नागपुर पट्टी के कुमेड़ा गांव की आराध्य देवी मां राजराजेश्वरी इंद्रामती की विग्रह डोली आज बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। शनिवार को डोली रात्रि प्रवास के लिए पांडुकेश्वर पहुंची। यहां भक्तों ने डोली का स्वागत किया।
पांडुकेश्वर पहुंचने से पहले माता की डोली जोशीमठ में नृसिंह मंदिर के दर्शनों के लिए पहुंची। यहां डोली ने आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी स्थल के साथ ही शंकराचार्य मठ के दर्शन किए। इसके बाद डोली ने जोशीमठ बाजार में भ्रमण कर भक्तों को दर्शन दिए। माता की विग्रह डोली ने विष्णुप्रयाग में अलकनंदा व धौली गंगा के संगम पर पवित्र स्नान किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष गुलाब सिंह कंडारी ने बताया कि रविवार को डोली अपराह्न बाद बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। सोमवार को अलकनंदा में पवित्र स्नान करने के बाद माता बदरीनाथ धाम के दर्शन करेंगी। संवाद