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एक साल से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन दो दिन में की ठीक
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बीते वर्ष जुलाई माह की आपदा से क्षतिग्रस्त पड़ी ठेली गांव की पेयजल लाइन को ग्रामीणों ने श्रमदान कर ठीक कर लिया। ग्रामीणों ने जल संस्थान से पेयजल योजना की मरम्मत की गुहार लगाई थी, लेकिन वहां से भी कोई मदद न मिलने पर ग्रामीणों ने स्वयं ही पेयजल लाइन की मरम्मत कर गांव के लाटू देवता मंदिर और गांव में पानी पहुंचा दिया।
बीते वर्ष भारी बारिश के कारण ठेली गांव की पेयजल लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से ग्रामीण एक साल से प्राकृतिक जलस्रोत से जलापूर्ति कर रहे थे। अब गरमी बढ़ने से पानी की किल्लत को देखते हुए और जल संस्थान की ओर से कोई मदद न मिलने पर ग्रामीणों ने स्वयं ही नलों योजना की मरम्मत की ठानी। ग्रामीणों ने कई जगहों पर रबड़ के पाइप जोड़े और पानी की सप्लाई बहाल कर दी। क्षेत्र पंचायत सदस्य राहुल रावत ने कहा कि ग्रामीणों ने रविवार से पेयजल लाइन सुधारीकरण कार्य शुरू किया और दो दिनों में पानी गांव में पहुंचा दिया। श्रमदान करने वालों में युवक मंगल दल अध्यक्ष धीरज रावत, सिताब सिंह रावत, नारायण सिंह रावत, सोहन सिंह रावत, जीत सिंह रावत, ईशु, अनुज व अमित रावत आदि मौजूद थे।
कोट
पेयजल योजना का निर्माण कर ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया जाता है। यह पेयजल योजना भी ग्रामीणों के अधीन थी, ग्रामीणों की ओर से पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए मदद नहीं मांगी गई। - पीके सैनी, ईई, जल संस्थान, गोपेश्वर, चमोली।
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बीते वर्ष भारी बारिश के कारण ठेली गांव की पेयजल लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से ग्रामीण एक साल से प्राकृतिक जलस्रोत से जलापूर्ति कर रहे थे। अब गरमी बढ़ने से पानी की किल्लत को देखते हुए और जल संस्थान की ओर से कोई मदद न मिलने पर ग्रामीणों ने स्वयं ही नलों योजना की मरम्मत की ठानी। ग्रामीणों ने कई जगहों पर रबड़ के पाइप जोड़े और पानी की सप्लाई बहाल कर दी। क्षेत्र पंचायत सदस्य राहुल रावत ने कहा कि ग्रामीणों ने रविवार से पेयजल लाइन सुधारीकरण कार्य शुरू किया और दो दिनों में पानी गांव में पहुंचा दिया। श्रमदान करने वालों में युवक मंगल दल अध्यक्ष धीरज रावत, सिताब सिंह रावत, नारायण सिंह रावत, सोहन सिंह रावत, जीत सिंह रावत, ईशु, अनुज व अमित रावत आदि मौजूद थे।
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पेयजल योजना का निर्माण कर ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया जाता है। यह पेयजल योजना भी ग्रामीणों के अधीन थी, ग्रामीणों की ओर से पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए मदद नहीं मांगी गई। - पीके सैनी, ईई, जल संस्थान, गोपेश्वर, चमोली।
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