ऑस्का लाइट लगाकर किया रेस्क्यू
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एसडीएम विवेक प्रकाश ने बताया कि बृहस्पतिवार पूरी रात रेस्क्यू अभियान चला। गहरी चट्टानी खाई में रेस्क्यू अभियान करना मुुश्किल था, जिस पर गौचर मेले में लगी ऑस्का लाइट मंगाई गई।
रात ढाई बजे मिला रवीना का शव
मृतकों में एक किशोरी रवीना का शव ग्रामीणों को रात ढाई बजे मिला। एसडीएम विवेक प्रकाश ने बताया कि घायलों में एक बच्ची ने बताया कि जीप में केवल 12 लोग सवार थे, जिसमें आठ घायलों को अस्पताल और चार शव निकाल चुके थे।
ऐसे में अन्य को खोजने के बजाए प्रशासन घायलों को अस्पताल और शवों को कर्णप्रयाग पहुंचाने में जुट गया।
बाद में ग्रामीणों ने गांव में एक किशोरी (रवीना) के न पहुंचने की सूचना के बाद प्रशासन के साथ ग्रामीणों ने रवीना को घटनास्थल पर खोजना शुरू किया, जिस पर रवीना का शव झाड़ियों में फंसा मिला।
मृतकों को 50-50 हजार और घायलों को 25-25 हजार
सीएम के निर्देश पर प्रशासन और विधायक ने वाहन दुर्घटना के मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार और गंभीर घायलों को 25-25 हजार तथा आंशिक को 5 हजार की आर्थिक सहायता के चेक दिए। डीएम विनोद कुमार सुमन ने कहा कि सभी घायलों का उपचार नि:शुल्क किया जाएगा।
ग्रामीणों में नाराजगी
प्रशासन और सरकार द्वारा घोषित मुआवजा राशि को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त की है। मजखोला की प्रधान विछना देवी, जमन सिंह, हिम्मत सिंह, ताजवर, पज्याणा के गैंणा सिंह, बीरेंद्र सिंह आदि ने कहा कि पोखरी मेले के दौरान हुई वाहन दुर्घटना में मुख्यमंत्री और सरकार द्वारा मृतकों को 2-2 लाख की घोषणा की थी। लेकिन यहां महज 50 हजार। जो यहां के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार है।
महज पांच किमी पर मिली मौत
मजखोला के नरेंद्र और दिनेश ट्रक पर चालक और परिचालक थे। दोनों ने गौचर में ट्रक खड़ा किया तब तक गांव की बारात की जीप युवकों को मिली जिसमें दोनों युवक भी घर जाने के लिए सवार हो गए, लेकिन गौचर से महज 5 किमी आगे जीप खाई में गिर गई और दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
दिनेश की तीन और एक डेढ़ साल की दो बेटियां हैं, जबकि नरेंद्र अपने घर का इकलौता बेटा था। घटना में मृतक बिक्रम का विवाह एक साल पहले कल्याड़ी की कविता से हुआ था।
बताया जा रहा है कि कविता अपने ममेरे भाई की शादी में पति के साथ मजखोला गई थी, लेकिन बारात लेकर लौट रही जीप दुर्घटना में पति विक्रम की मौत हो गई, जबकि पत्नी कविता गंभीर रूप से घायल है।
शोक में बदली खुशी
बारात दुल्हन लेकर मजखोला गांव तो पहुंच गई लेकिन यहां गांव के लोगों के चेहरों पर खुशी नहीं थी। ग्रामीण शिव सिंह, जसवीर आदि ने कहा कि हालांकि दूल्हा-दुल्हन सहित बारात में शामिल अन्य वाहन गांव पहुंच गए थे। सूचना पर बाद में गांव से चार गाड़ियों में ग्रामीण वापस घटनास्थल पर पहुंचे। गांव के चार लोगों की मौत से गांव में खुशी का माहौल शोक में बदल गया।
दुर्घटना में मृतक
- पदम सिंह (56) मदन सिंह
- नरेंद्र सिंह (29) जमन सिंह
- दिनेश (26) हिम्मत सिंह।
- रवीना (13) ताजवर सिंह
(सभी निवासी मजखोला)
-बिक्रम सिंह (28) मातबर सिंह निवासी कोली मल्ली।
घायलों की सूची
-रितु (09) सदन सिंह
-मोनिका (17) संग्राम सिंह
-सपना (14) सते सिंह
-मनोज (26) सिताब सिंह
-लता/ललिता (17) सदन सिंह
-दीपा (18) प्रेम सिंह
-अशोक (24) रतन सिंह
(सभी निवासी मजखोला)
- कविता (22) पत्नी बिक्रम सिंह निवासी कोली मल्ली।