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जोशीमठ के भू-सर्वेक्षण के लिए समिति गठित
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जोशीमठ नगर में हो रहे भू-धंसाव का कारण जानने और रोकथाम के लिए भू-सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके लिए शासन ने समिति का गठन कर दिया है। समिति एक अगस्त से सर्वेक्षण कार्य शुरू करेगी और 15 दिनों में रिपोर्ट राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण व शासन को उपलब्ध कराएगी।
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने समिति गठित की है। सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जोशीमठ नगर क्षेत्र में हो रहे भू धंसाव की रोकथाम के लिए क्षेत्र का भू-वैज्ञानिक और भू-तकनीकी सर्वेक्षण किया जाना है। समिति एक से पांच अगस्त तक क्षेत्र का स्थलीय सर्वेक्षण करेगी।
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी-प्रशासन, उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण की अध्यक्षता में गठित समिति में सदस्य के तौर पर भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग, भारतीय औद्योगिक संस्थान रुड़की, वाडिया हिमालयन भूविज्ञान संस्थान देहरादून, केंद्रीय अनुसंधान संस्थान रुड़की, भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान देहरादून के विशेषज्ञ और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिशासी निदेशक शामिल होंगे।
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उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने समिति गठित की है। सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जोशीमठ नगर क्षेत्र में हो रहे भू धंसाव की रोकथाम के लिए क्षेत्र का भू-वैज्ञानिक और भू-तकनीकी सर्वेक्षण किया जाना है। समिति एक से पांच अगस्त तक क्षेत्र का स्थलीय सर्वेक्षण करेगी।
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अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी-प्रशासन, उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण की अध्यक्षता में गठित समिति में सदस्य के तौर पर भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग, भारतीय औद्योगिक संस्थान रुड़की, वाडिया हिमालयन भूविज्ञान संस्थान देहरादून, केंद्रीय अनुसंधान संस्थान रुड़की, भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान देहरादून के विशेषज्ञ और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिशासी निदेशक शामिल होंगे।
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