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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Children studying in shabby building

जर्जर भवन में पढ़ रहे बच्चे

Fri, 29 Jan 2016 09:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला Updated Fri, 29 Jan 2016 09:19 PM IST
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 आपदा में क्षतिग्रस्त ब्लाक के राजकीय प्राइमरी स्कूल धलकांचुला की मरम्मत अभी तक विभाग नहीं करा पाया है।
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 स्थिति यह है कि ढाई साल से गांव के बच्चे ग्राम पंचायत के जर्जर भवन के एक कमरे में पढ़ने को मजबूर हैं।

वहीं विभाग जिला योजना मेें  स्कूल भवन की मरम्मत किए जाने का प्रावधान रखने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहा है।


जुलाई 2013 में आपदा से प्राइमरी स्कूल धलकांचुला का भवन पूरी तरह चटक गया। बरामदा सहित दोनों करों में दरारें पड़ी हुई हैं, जबकि स्कूल की रसोई मलबे के साथ बह गई।

स्कूल जाने वाला पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त पड़ा है। स्कूल के प्रबंध समिति के अध्यक्ष शिशुपाल सिंह, अभिभावक विनोद  सिंह और अशोक जोशी आदि का कहना है कि जुलाई 2013 से बच्चों को गांव के जर्जर पंचायत घर के एक कमरे में पढ़ाया जा रहा है।
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 वर्तमान में यहां गांव के 10 से अधिक बच्चों के साथ आंगनबाड़ी के बच्चे भी पढ़ रहे हैं। ऐसे में बिना पानी, बिजली, रसोई के बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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बारिश के दिन बच्चों को सीलन भरे कमरों में बैठना पड़ता है। ग्राम प्रधान किरन ने बताया कि वर्ष 2014 से अब तक विभाग को आधा दर्जन से अधिक प्रस्ताव और पत्र दे चुके हैं, लेकिन हर बार विभाग आश्वासन देकर टरका रहा है।


वहीं खंड शिक्षा अधिकारी ने वीपीएस बिष्ट ने कहा कि वर्ष 2015 में धलकांचुला सहित ब्लाक के 19 स्कूलों की मरम्मत करने का प्रस्ताव जिला योजना में रखा गया है, लेकिन केवल 17 स्कूलों को ही स्वीकृति मिली।

स्कूल  भवन के पुनर्निर्माण के लिए दोबारा प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
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