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जंगलों में भड़की आग से सड़कों पर गिर रही जलती लकड़ियां

Thu, 04 Mar 2021 09:46 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 04 Mar 2021 09:46 PM IST
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Burning wood falling on the roads due to fire in the forests
उमा माहेश्वर आश्रम के पास बुधवार को चीड़ के जंगल रातभर आग में धधकते रहे। आग से सैकड़ों पेड़ पौधे जल गए और जंगली जानवर सहित काखड़ भी सुबह सड़कों पर भटकते दिखे। वहीं थराली के जंगल भी रात भर धधकते रहे आग विकराल होने के कारण उसे बुझाना मुश्किल हो गया है। आग के कारण जलती लकड़ियां और चट्टानों से पत्थर सड़क पर गिर रहे हैं, जिससे यहां खतरे के बीच आवाजाही हो रही है।
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कर्णप्रयाग के नवीन नवानी, विजय खंडूड़ी, दिनेश थपलियाल और प्रमोद नौटियाल ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों को जंगल में आग लगने की सूचना दी गई और उसके बाद लोग उनके साथ आग बुझाने में जुटे रहे, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। बृहस्पतिवार को भी जंगल में आग लगी रही। जंगल में पीरूल अधिक होने से आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आग में जले पेड़ सड़क पर गिरने के डर से लोग रात तक वहां से अपने वाहनों को हटाते रहे। इससे पहले एंड, द्यूडी डांडा, सिमली आदि के चीड़ के जंगल जल चुके हैं।
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वहीं थराली में 90 प्रतिशत चीड़ के जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं जबकि बुधवार रात को बचा हुआ जंगल भी आग की भेंट चढ़ गया। बुधवार रात को तहसील मुख्यालय से चेपड़ों के बीच चीड़ के जंगलों में आग लग गई। खड़ी चट्टान होने के कारण आग तेजी से ऊपर की ओर फैलती गई और वन विभाग के कर्मचारी नहीं बुझा पाए। तीव्र ढाल और पथरीली चट्टानें होने के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल था। रात भर आग की लपटों ने पचास हेक्टेयर चीड़ का जंगल स्वाहा कर दिया। आग के कारण चट्टानों से पत्थर, जलती लकड़ियां, चीड़ के टूटे पेड़ सड़क पर आ गिरे, जिससे बृहस्पतिवार सुबह लोगों ने यहां जान जोखिम में डालकर आवाजाही की। शाम तक पत्थरों के गिरने का सिलसिला जारी था। वहीं जटेरा के ऊपर भी बांज के जंगलों में आग भड़की हुई है, जिसे वन कर्मी बुझाने में जुटे हैं। वहीं रेंजर त्रिलोक बिष्ट ने कहा कि चीड़ के अधिकतर जंगल पूरी तरह से जल चुके हैं।
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बस्तियों तक पहुंचने लगी जंगल की आग
श्रीनगर। ब्लाक कीर्तिनगर के विभिन्न क्षेत्रों के जंगलों में भीषण आग लगी है, जबकि कई स्थानों पर जंगल की आग बस्तियों तक पहुंचने लगी है। बृहस्पतिवार को तहसील मुख्यालय कीर्तिनगर के समीप का जंगल जलता रहा, जबकि मंजराखाल का जंगल पांच दिनों से जल रहा है। इसके अलावा झिरकोटी, कफना और रामपुर की बस्तियों तक आग पहुंचने लगी है। इन बस्तियों के पास के जंगल भीषण आग में जल रहे हैं। वन विभाग की ओर से कीर्तिनगर के समीप जंगल में लगी आग को फायर सर्विस की मदद से बुझा लिया गया है, जबकि अन्य स्थानों पर जंगल की आग तेजी से फैल रही है। आग लगने से यहां से गुजरने वाले डांग-धारी व झिरकोटी-कपरोली मार्ग पर सफर करने में भी लोगों के लिए खतरा बना है। दूसरी ओर रेंजर बुद्धि प्रकाश ने बताया कि हर क्षेत्र में कर्मचारी और वन पंचायत के लोग आग बुझाने में जुटे हैं। अधिकतर स्थानों पर आग पर काबू पा लिया गया है, जबकि अन्य स्थानों पर भी शीघ्र ही आग को बुझा लिया जाएगा। संवाद
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