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नौली गांव में भालू ने बुजुर्ग को मार डाला
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तहसील कर्णप्रयाग के नौली गांव में दीपावली की तैयारियों के लिए बगीचे में फूल लेने गई एक बुजुर्ग महिला को भालू ने मार डाला। ग्रामीणों की सूचना पर प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कर्णप्रयाग अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव का पिंडर नदी किनारे अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में दहशत है।
राजस्व उपनिरीक्षक देवेंद्र कंडारी और नीरज पुरोहित ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह करीब 7.30 बजे नौली गांव की मथनी देवी (70) पत्नी स्व. देवी प्रसाद खंडूड़ी अपने घर के समीप बगीचे में दीपावली पर माला बनाने के लिए फूल बीनने गई थी कि इसी दौरान रास्ते में झाड़ियों में छिपे भालू ने उस पर हमला कर दिया। महिला के शोर मचाने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक भालू के हमले से मथनी देवी की मौत हो चुकी थी और भालू भाग गया था। पटवारी ने बताया कि भालू ने महिला के गले और सिर पर गहरे घाव किए हैं। दीपावली के दिन हुई घटना के बाद पूरे गांव में मातम छाया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हमेशा जंगली जानवरों का डर बना रहता है। कई बार वन विभाग के अधिकारियों को जंगली जानवरों से निजात दिलाने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
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राजस्व उपनिरीक्षक देवेंद्र कंडारी और नीरज पुरोहित ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह करीब 7.30 बजे नौली गांव की मथनी देवी (70) पत्नी स्व. देवी प्रसाद खंडूड़ी अपने घर के समीप बगीचे में दीपावली पर माला बनाने के लिए फूल बीनने गई थी कि इसी दौरान रास्ते में झाड़ियों में छिपे भालू ने उस पर हमला कर दिया। महिला के शोर मचाने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक भालू के हमले से मथनी देवी की मौत हो चुकी थी और भालू भाग गया था। पटवारी ने बताया कि भालू ने महिला के गले और सिर पर गहरे घाव किए हैं। दीपावली के दिन हुई घटना के बाद पूरे गांव में मातम छाया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हमेशा जंगली जानवरों का डर बना रहता है। कई बार वन विभाग के अधिकारियों को जंगली जानवरों से निजात दिलाने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
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