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Chamoli News: आपदाओं से निपटने के लिए हर समय रहें तैयार
Thu, 19 Dec 2024 06:28 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 19 Dec 2024 06:28 PM IST
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फोटो
गौचर। विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) गौचर में दो दिवसीय आपदा प्रबंधन कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में आपदा प्रबंधन से जुड़े विषयों और आपदा जोखिम को कम करने की तैयारियों पर चर्चा की गई। डाॅ. रघुनंदन सिंह टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी नैनीताल की ओर से आयोजित कार्यशाला में पहले दिन शिक्षकों को आपदा न्यूनीकरण के बारे में जानकारी दी और कौशल बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम निदेशक डाॅ. मंजू पांडेय ने कहा कि आपदा के लिहाज से उत्तराखंड संवेदनशील है। इसलिए आपदाओं से निपटने के लिए हर समय तैयार रहने की जरूरत है। चिकित्साधिकारी डाॅ. रजत कुमार ने आपदा के समय प्राथमिक चिकित्सा का महत्व, अग्निशमन अधिकारी प्रतीक ने घरेलू, व्यावसायिक तथा वनाग्नि नियंत्रित करने के उपाय बताए। प्रशिक्षकों ने आपदा प्रबंधन के तीन मुख्य बिंदुओं पूर्वानुमान, चेतावनी और कुशल प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया। कार्यशाला में 65 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के शुभारंभ पर एसडीएम कर्णप्रयाग संतोष कुमार पांडे, प्राचार्य डायट आकाश सारस्वत, डाॅ. कमलेश मिश्रा, प्रवक्ता लखपत सिंह बर्त्वाल, गोपाल कपरुवाण, मनोज धपवाल आदि मौजूद रहे। संवाद
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गौचर। विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) गौचर में दो दिवसीय आपदा प्रबंधन कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में आपदा प्रबंधन से जुड़े विषयों और आपदा जोखिम को कम करने की तैयारियों पर चर्चा की गई। डाॅ. रघुनंदन सिंह टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी नैनीताल की ओर से आयोजित कार्यशाला में पहले दिन शिक्षकों को आपदा न्यूनीकरण के बारे में जानकारी दी और कौशल बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम निदेशक डाॅ. मंजू पांडेय ने कहा कि आपदा के लिहाज से उत्तराखंड संवेदनशील है। इसलिए आपदाओं से निपटने के लिए हर समय तैयार रहने की जरूरत है। चिकित्साधिकारी डाॅ. रजत कुमार ने आपदा के समय प्राथमिक चिकित्सा का महत्व, अग्निशमन अधिकारी प्रतीक ने घरेलू, व्यावसायिक तथा वनाग्नि नियंत्रित करने के उपाय बताए। प्रशिक्षकों ने आपदा प्रबंधन के तीन मुख्य बिंदुओं पूर्वानुमान, चेतावनी और कुशल प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया। कार्यशाला में 65 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के शुभारंभ पर एसडीएम कर्णप्रयाग संतोष कुमार पांडे, प्राचार्य डायट आकाश सारस्वत, डाॅ. कमलेश मिश्रा, प्रवक्ता लखपत सिंह बर्त्वाल, गोपाल कपरुवाण, मनोज धपवाल आदि मौजूद रहे। संवाद
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