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Chamoli News: बिरही-निजमुला सड़क पर फिर हुआ भूस्खलन, उड़ता रहा धूल का गुबार

Wed, 01 Oct 2025 07:57 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली Updated Wed, 01 Oct 2025 07:57 PM IST
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Another landslide occurred on the Birahi-Nijmula road, sending up a cloud of dust.
फोटो
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निजमुला घाटी के 12 गांवों के लोगों को चलना पड़ रहा सात से दस किमी पैदल
काली चट्टान पर मंगलवार से लगातार हो रहा भूस्खलन, खुलने में लगेगा समय

संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। निजमुला घाटी के 12 गांवों को जोड़ने वाली बिरही-निजमुला सड़क पर फिर भूस्खलन हो गया जिससे बुधवार को सड़क खुलने की उम्मीद खत्म हो गई। मलबा इतना अधिक था कि यहां कुछ सेकेंड तक धूल का गुबार उड़ता रहा। बताया जा रहा है कि सड़क सुचारु करने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है। ऐसे में ग्रामीणों को सात से दस किमी पैदल चलना पड़ रहा है।

बिरही-निजमुला-पाणा-ईराणी सड़क पर मंगलवार दोपहर को काली चट्टान पर भारी भूस्खलन होने से सड़क बंद हो गई थी। सड़क का यह हिस्सा ब्रिडकुल के पास है। कार्यदायी संस्था ने मलबा हटाने के लिए जेसीबी भेजी लेकिन बार-बार पत्थर गिरने से सड़क खोली नहीं जा सकी। बुधवार को भी सड़क खोली जा रही थी कि तभी अचानक फिर से भारी मात्रा में यहां भूस्खलन हो गया। भूस्खलन इतना अधिक मलबा था कि कुछ सेकेंड तक पूरी घाटी में धूल के गुबार उड़ने लगे। यहां रुक-रुककर पत्थर गिरते जा रहे हैं। ऐसे में सड़क खोलने का काम बाधित हो गया है। सड़क बंद होने से गाडी, निजमुला, व्यारा, पगना, पाणा, ईराणी, झींझी सहित करीब 12 गांवों की आवाजाही ठप हो गई है। सड़क बंद होने से ग्रामीण पैदल आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीणों को सात से आठ किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी दूरस्थ क्षेत्र पाणा-ईराणी व आसपास के ग्रामीणों को हो रही है। यहां के लोगों को आठ से दस किमी पैदल चलना पड़ रहा है। इस संबंध में ब्रिडकुल के जेई सचिन राठौर ने बताया कि पहाड़ी का हिस्सा कमजोर हो गया है और पत्थर धीरे-धीरे गिर रहे हैं। ऐसे में वहां काम करना जोखिम भरा है। पत्थर गिरने बंद हो जाएंगे तो जेसीबी से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। जेसीबी वहीं पर तैनात की गई है।
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