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तहसील में गरजे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सेविकाओं ने छह सूत्री मांगों को लेकर तहसील मुख्यालय ऊखीमठ में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांगों का ज्ञापन भेजा। प्रदर्शनकारियों ने शनिवार से क्रमिक अनशन का निर्णय लेते हुए परिसर में सभा आयोजित कर धरना भी दिया।
वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सेविकाएं लंबे समय से न्यून मानदेय पर कार्य करती आ रही हैं। विभाग की ओर से शासन की योजनाओं के साथ अन्य कई सरकारी व गैर सरकारी कार्य भी उनसे कराए जा रहे हैं, लेकिन अन्य भत्ता नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने अंत्योदय के सर्वे का बहिष्कार करते आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित, केंद्रों में शीतकालीन अवकाश घोषित करने, ब्लॉक में रिक्त पदों पर नियुक्ति करने और कार्यालय भवन का जल्द निर्माण करने की मांग की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुनीता भट्ट, ब्लॉक अध्यक्ष रोशनी नौटियाल, महामंत्री प्रेमा बत्र्वाल, सीटू के महामंत्री बीरेंद्र गोस्वामी, कुसुम नेगी, अंजू चौहान, सुरेशी रावत, संतोषी देवी आदि मौजूद थे। इधर, रुद्रप्रयाग स्थित पुराने विकास भवन और जखोली ब्लॉक मुख्यालय में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना जारी रहा। कहा कि जब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होते, वे आंदोलनरत रहेंगे।
थराली तहसील तक निकाला जुलूस
थराली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने सीटू के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर थराली तहसील तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। उन्होंने 21 हजार रुपये मानदेय देने और राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग उठाई।
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उन्होंने कहा कि एक मजदूर की न्यूनतम मजदूरी छह सौ रुपये है, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को रोजाना मात्र 250 व सहायिकाओं को 150 से भी कम रुपये मिलते हैं। महीने में कई बार कार्यालय आने का यात्रा भत्ता नहीं दिया जाता। उन्होंने मांगें पूरी नहीं किए जाने पर आठ जनवरी से आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर सीटू के प्रदेश सचिव मदन मिश्रा, जिला महामंत्री मुन्नी पंवार, ब्लॉक अध्यक्ष हंसी थपलियाल, सचिव दर्शनी रावत, कोषाध्यक्ष बसंती बिष्ट, उपाध्यक्ष दीपा पुरोहित, आशा देवी, सावित्री देवी, दीपा देवराड़ी, अंजू पंत, ममता, कमला, रिहाना, गायत्री, कल्पेश्वरी देवी, यश्वनी, पदमा आदि थे।
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वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सेविकाएं लंबे समय से न्यून मानदेय पर कार्य करती आ रही हैं। विभाग की ओर से शासन की योजनाओं के साथ अन्य कई सरकारी व गैर सरकारी कार्य भी उनसे कराए जा रहे हैं, लेकिन अन्य भत्ता नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने अंत्योदय के सर्वे का बहिष्कार करते आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित, केंद्रों में शीतकालीन अवकाश घोषित करने, ब्लॉक में रिक्त पदों पर नियुक्ति करने और कार्यालय भवन का जल्द निर्माण करने की मांग की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुनीता भट्ट, ब्लॉक अध्यक्ष रोशनी नौटियाल, महामंत्री प्रेमा बत्र्वाल, सीटू के महामंत्री बीरेंद्र गोस्वामी, कुसुम नेगी, अंजू चौहान, सुरेशी रावत, संतोषी देवी आदि मौजूद थे। इधर, रुद्रप्रयाग स्थित पुराने विकास भवन और जखोली ब्लॉक मुख्यालय में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना जारी रहा। कहा कि जब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होते, वे आंदोलनरत रहेंगे।
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थराली तहसील तक निकाला जुलूस
थराली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने सीटू के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर थराली तहसील तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। उन्होंने 21 हजार रुपये मानदेय देने और राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग उठाई।
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उन्होंने कहा कि एक मजदूर की न्यूनतम मजदूरी छह सौ रुपये है, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को रोजाना मात्र 250 व सहायिकाओं को 150 से भी कम रुपये मिलते हैं। महीने में कई बार कार्यालय आने का यात्रा भत्ता नहीं दिया जाता। उन्होंने मांगें पूरी नहीं किए जाने पर आठ जनवरी से आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर सीटू के प्रदेश सचिव मदन मिश्रा, जिला महामंत्री मुन्नी पंवार, ब्लॉक अध्यक्ष हंसी थपलियाल, सचिव दर्शनी रावत, कोषाध्यक्ष बसंती बिष्ट, उपाध्यक्ष दीपा पुरोहित, आशा देवी, सावित्री देवी, दीपा देवराड़ी, अंजू पंत, ममता, कमला, रिहाना, गायत्री, कल्पेश्वरी देवी, यश्वनी, पदमा आदि थे।