सेवानिवृत्ति के तीन साल बाद भी जोशीमठ के थेंग गांव निवासी आनंद सिंह पंवार को पेंशन नहीं मिल पाई है। वह विभाग के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं लेकिन वहां से भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। जोशीमठ से गोपेश्वर आने में ही अभी तक उनके 50,000 रुपये खर्च हो चुके हैं।
थेंग गांव निवासी आनंद सिंह पंवार जोशीमठ में लोनिवि में बेलदार के पद पर कार्यरत थे। क्षेत्र के गांव-गांव में निर्मित सड़कों के निर्माण में आनंद सिंह पंवार ने जी जान से ड्यूटी निभाई। वर्ष 2019 में वे सेवानिवृत्त हुए तो उन्होंने अपने सभी पेंशन के कागजात लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड गोपेश्वर में जमा कराए। लंबे समय तक जब पेंशन नहीं मिली तो वे जोशीमठ से करीब 60 किलोमीटर की दूरी तयकर गोपेश्वर गए लेकिन उन्हें पेंशन प्रकरण को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। अधिकारियों के कहने पर वह कोषागार के भी कई चक्कर लगा चुके हैं बावजूद पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया है। आनंद सिंह का कहना है कि वे 1988 से 2019 तक सेवा में रहे। वे कहते हैं कि जोशीमठ से गोपेश्वर तक पहुंचने में उनके एक बार में पंद्रह सौ रुपये तक खर्च हो रहे हैं। इधर, लोनिवि प्रांतीय खंड गोपेश्वर के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र पटवाल ने बताया कि विभाग में कई कर्मचारी वर्कचार्ज पर तैनात थे जिससे उन्हें पेंशन का भुगतान नहीं किया जा सकता है। आनंद सिंह पंवार के कागजातों की जांच कर शीघ्र मामले में स्थिति स्पष्ट की जाएगी।