नीती घाटी के ग्रामीणों का एक दल सेना और प्रशासन की अनुमति के बाद बृहस्पतिवार को भारत-तिब्बत सीमा में स्थित पार्वती कुंड पहुंचा। जहां ग्रामीणों ने स्नान करने के बाद विशेष पूजा अर्चना की और झुमैलो नृत्य भी किया।
नीती घाटी के जेलम, जुम्मा और कोषा गांव के 120 ग्रामीणों का दल सीमा पर स्थित पार्वती कुंड पहुंचा। ग्रामीण सेना के वाहनों से कुंड तक पहुंचे। नीती घाटी कल्याण समिति के अध्यक्ष मान सिंह राणा ने बताया कि सीमा क्षेत्र होने के कारण आम लोगों को यहां तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी जाती है। सेना से ग्रामीण विशेष अनुमति लेकर पार्वती कुंड पहुंचे। मलारी से ही सेना के वाहनों से ग्रामीणों को पार्वती कुंड तक पहुंचाया गया। ग्रामीणों ने कुंड की पूजा-अर्चना के बाद यहां झुमैलो नृत्य किया। इसके बाद क्षेत्र के प्रसिद्ध स्थल बडे़ भैय्या (पितर देवता) के दर्शन किए। उन्होंने बताया कि पूर्व में यहां एक सैनिक शहीद हो गया था जो भी यहां जाता है बड़े भैय्या के दर्शन कर उन्हें चादर अर्पित करता है। इस दौरान ग्राम प्रधान कोषा लक्ष्मण सिंह, जेलम ग्राम प्रधान देवेश्वरी देवी, बचन सिंह, उर्मिला राणा, विनीता राणा, रूपा देवी, झापी देवी और हिवाली देवी सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।