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जिले के चिकित्सालयों में नहीं एक भी निश्चेतक
Chamoli
Updated Sat, 13 Dec 2014 05:30 AM IST
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गोपेश्वर। चिकित्सकों की कमी के चलते जिला चिकित्सालय में तैनात सर्जन फोडे़-फुंसी पर चीरा लगाने का ही काम कर पा रहे हैं। जिले में सीएचसी कर्णप्रयाग में एकमात्र निश्चेतक (एनेस्थेसिस्ट) के चंपावत स्थानांतरण के बाद तो जिले में स्वास्थ्य सेवा की स्थिति और खराब हो गई है।
जिले में अब एक भी निश्चेतक नहीं है। ऐसे में जिला चिकित्सालय से प्रति सप्ताह करीब 20 से 25 मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है, जबकि पांच से 10 प्रसव के मामलों को बाहरी चिकित्सालय भेजा जा रहा है। जिला चिकित्सालय 10 माह से बिना निश्चेतक के चल रहा है। जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में सर्जन डा. सतीश कुमार का कहना है कि निश्चेतक न होने से सर्जीकल उपचार कर पाना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में मरीज को हायर सेंटर भेजने के सिवाय कोई अन्य मार्ग शेष नहीं रह जाता है।
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जिले में अब एक भी निश्चेतक नहीं है। ऐसे में जिला चिकित्सालय से प्रति सप्ताह करीब 20 से 25 मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है, जबकि पांच से 10 प्रसव के मामलों को बाहरी चिकित्सालय भेजा जा रहा है। जिला चिकित्सालय 10 माह से बिना निश्चेतक के चल रहा है। जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में सर्जन डा. सतीश कुमार का कहना है कि निश्चेतक न होने से सर्जीकल उपचार कर पाना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में मरीज को हायर सेंटर भेजने के सिवाय कोई अन्य मार्ग शेष नहीं रह जाता है।
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