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अलकनंदा में गिरा रहे सड़क का मलबा
Chamoli
Updated Sun, 26 Oct 2014 05:32 AM IST
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पीपलकोटी (चमोली)। जहां देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नदियों की साफ-सफाई के लिए अभियान चलाए हुए हैं, वहीं दशोली क्षेत्र में निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्मात्री कंपनियां नियमों को धता बताकर अलकनंदा में खुलेआम मलबा गिराने में लगे हुए हैं। परियोजना के टनल साइड में इन दिनों परियोजना का निर्माण कर रही हिंदुस्तान कंपनी द्वारा सड़क निर्माण का मलबा सीधे अलकनंदा में गिराया जा रहा है। कंपनी का अभी तक क्षेत्र में डंपिंग जोन ही चिह्नित नहीं है।
वर्ष 2003 से पीपलकोटी क्षेत्र में अलकनंदा नदी पर 444 मेगावाट की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना निर्माणाधीन है। परियोजना का बैराजस्थल हेलंग तो टनल साइड पीपलकोटी है। परियोजना का निर्माण कर रही टीएचडीसी की सहायक कंपनी हिंदुस्तान द्वारा टनल साइड इन दिनों सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है। सड़क निर्माण का मलबा डंपिंग जोन में निस्तारित करने के बजाय सीधे अलकनंदा में डाला जा रहा है।
विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री राजेंद्र हटवाल, नरेंद्र पोखरियाल, बजरंग दल के जिला संयोजक प्रकाश बर्त्वाल, मनमोहन नेगी, मोहन सती और पवन राठौर का कहना है कि टीएचडीसी और हिंदुस्तान कंपनी द्वारा छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध हाट गांव में बेलपत्री के जंगल को भी तहस-नहस कर दिया है। अब टनल साइड सड़क निर्माण कार्य के कारण अलकनंदा को मैला किया जा रहा है। कहा गया कि विस्फोट से चट्टान को उड़ाने के बाद मलबे को बिना रोक-टोक नदी में गिराया जा रहा है। जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन के अधिकारी सबकुछ देखकर भी चुप्पी साधे हुए हैं।
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कंपनी द्वारा क्षेत्र में ही डंपिंग जोन चिह्नित किया हुआ है। सड़क निर्माण का अधिकतर मलबा ट्रकों से डंपिंग जोन में निस्तारित किया जा रहा है। सड़क निर्माण हो रहा है तो, मलबा नदी में भी गिरेगा ही। इसमें हो-हल्ला करने से कुछ नहीं होगा।
-आरसी सिंगला, प्रोटेक्ट मैनेजर, हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी, पीपलकोटी, चमोली।
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वर्ष 2003 से पीपलकोटी क्षेत्र में अलकनंदा नदी पर 444 मेगावाट की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना निर्माणाधीन है। परियोजना का बैराजस्थल हेलंग तो टनल साइड पीपलकोटी है। परियोजना का निर्माण कर रही टीएचडीसी की सहायक कंपनी हिंदुस्तान द्वारा टनल साइड इन दिनों सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है। सड़क निर्माण का मलबा डंपिंग जोन में निस्तारित करने के बजाय सीधे अलकनंदा में डाला जा रहा है।
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विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री राजेंद्र हटवाल, नरेंद्र पोखरियाल, बजरंग दल के जिला संयोजक प्रकाश बर्त्वाल, मनमोहन नेगी, मोहन सती और पवन राठौर का कहना है कि टीएचडीसी और हिंदुस्तान कंपनी द्वारा छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध हाट गांव में बेलपत्री के जंगल को भी तहस-नहस कर दिया है। अब टनल साइड सड़क निर्माण कार्य के कारण अलकनंदा को मैला किया जा रहा है। कहा गया कि विस्फोट से चट्टान को उड़ाने के बाद मलबे को बिना रोक-टोक नदी में गिराया जा रहा है। जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन के अधिकारी सबकुछ देखकर भी चुप्पी साधे हुए हैं।
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कंपनी द्वारा क्षेत्र में ही डंपिंग जोन चिह्नित किया हुआ है। सड़क निर्माण का अधिकतर मलबा ट्रकों से डंपिंग जोन में निस्तारित किया जा रहा है। सड़क निर्माण हो रहा है तो, मलबा नदी में भी गिरेगा ही। इसमें हो-हल्ला करने से कुछ नहीं होगा।
-आरसी सिंगला, प्रोटेक्ट मैनेजर, हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी, पीपलकोटी, चमोली।