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नंदा के दर्शनों के लिए जर्मन का बेन पहुंचा नौटी
Chamoli
Updated Mon, 08 Sep 2014 05:31 AM IST
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गौचर। साहसिक पर्यटन और आस्था से जुड़े कई विदेशी पर्यटक भले ही नंदा को विदा करने राजजात में शामिल न हो सके हों, लेकिन जर्मनी के बेन की नंदा के प्रति भक्ति कुछ अलग है। ऋषिकेश में ध्यान लगाने पहुंचे बेन ने जैसे ही आंखें बंद की तो, मां नंदा उसके मन में अवतरित हो गई।
शनिवार को बेन ऋषिकेश से सीधे नौटी पहुंच गए, जहां उन्होंने रविवार को नंदा के दर्शन कर वैदिक पूजा में भाग लिया। मां नंदा देवी अपने ऊपर श्रद्धा रखने वाले श्रद्धालुओं को भी सात समुद्र पार से अपने पास बुलाती हैं। जर्मनी निवासी बेन छह माह के वीजा पर इस वर्ष जून माह में भारत आए। जुलाई माह में हिमाचल की सैर करते समय बेन की भेंट इटली निवासी सेरेना से हुई, जिसने उन्हें अगस्त माह में उत्तराखंड में नंदा की राजजात होने की बात बताई थी। बेन ने राजजात के बारे में इंटरनेट से भी जानकारी जुटाई। वे देहरादून, ऋषिकेश और कार्बेट नेशनल पार्क भी पहुंचे, लेकिन राजजात में किन्हीं कारणों से शामिल न हो सके। बेन ने बताया कि वे ऋषिकेश में विपासना ध्यान में बैठे, तो उनके मन में नंदा अवतरित हो गई। वे नंदा के दर्शनों के लिए उद्वेलित हो गए। शनिवार को वे बस से सीधे नौटी जा पहुंचे। हिंदी बोलचाल के चुनिंदा शब्द बोलने वाले बेन भक्ति में रविवार को इस कदर भाव-विभोर दिखे कि वे नंदा के जयकारों के साथ भजन भी गाते रहे। यही नहीं बेन यज्ञ वेदिका में डाली जा रही आहुति के साथ स्पष्ट मंत्रोच्चार भी करते दिखे।
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शनिवार को बेन ऋषिकेश से सीधे नौटी पहुंच गए, जहां उन्होंने रविवार को नंदा के दर्शन कर वैदिक पूजा में भाग लिया। मां नंदा देवी अपने ऊपर श्रद्धा रखने वाले श्रद्धालुओं को भी सात समुद्र पार से अपने पास बुलाती हैं। जर्मनी निवासी बेन छह माह के वीजा पर इस वर्ष जून माह में भारत आए। जुलाई माह में हिमाचल की सैर करते समय बेन की भेंट इटली निवासी सेरेना से हुई, जिसने उन्हें अगस्त माह में उत्तराखंड में नंदा की राजजात होने की बात बताई थी। बेन ने राजजात के बारे में इंटरनेट से भी जानकारी जुटाई। वे देहरादून, ऋषिकेश और कार्बेट नेशनल पार्क भी पहुंचे, लेकिन राजजात में किन्हीं कारणों से शामिल न हो सके। बेन ने बताया कि वे ऋषिकेश में विपासना ध्यान में बैठे, तो उनके मन में नंदा अवतरित हो गई। वे नंदा के दर्शनों के लिए उद्वेलित हो गए। शनिवार को वे बस से सीधे नौटी जा पहुंचे। हिंदी बोलचाल के चुनिंदा शब्द बोलने वाले बेन भक्ति में रविवार को इस कदर भाव-विभोर दिखे कि वे नंदा के जयकारों के साथ भजन भी गाते रहे। यही नहीं बेन यज्ञ वेदिका में डाली जा रही आहुति के साथ स्पष्ट मंत्रोच्चार भी करते दिखे।
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