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बदरीनाथ भगवान ने की मुराद पूरी
Chamoli
Updated Sat, 17 May 2014 05:30 AM IST
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गोपेश्वर। चार धामों में सर्वश्रेष्ठ बदरीनाथ धाम में गुजरात के लोगों की नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाए जाने के लिए किया गया यज्ञ, अनुष्ठान आज सफल हो गया है। भगवान बदरीनाथ ने गुजरात के श्रद्धालुओं की मुराद पूरी कर ली है। वर्ष 2012 के सितंबर माह में बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाए जाने की मुराद लिए स्वयं मोदी के छोटे भाई पंकज मोदी ने 65 ब्राह्मणों के साथ बदरीनाथ में तीन दिनों तक विष्णु यज्ञ का आयोजन किया था।
पिछले वर्ष जब जून माह की आपदा की आपदा के बाद अगस्त माह में गुजरात के 40 तीर्थयात्रियों के दल ने बदरीनाथ पहुंचकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाए जाने को लेकर धाम में लाखों मंत्रों की आहूतियां दी थी। बीती 7 मई को जब उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा था तो बदरीनाथ के खानचौक स्थान में रहने वाले साधु बालकदास ने बदरीनाथ की महा अभिषेक पूजा, बाल भोग और रात्रि आठ बजे होने वाली शयन आरती तक की पूजाएं कराई। बामणी गांव के मोहन प्रसाद भट्ट और विनय मेहता ने भी नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाए जाने की मनौतियों को लेकर बदरीनाथ के गर्भगृह में विष्णुसहस्रनाम पाठ और दो लाख मंत्रों का जाप किया था।
बदरीनाथ धाम में 1550 तीर्थयात्रियों ने टेका मत्था
गोपेश्वर। शुक्रवार को बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर 1550 तीर्थयात्री पहुंचे। धाम में दिनभर मौसम खुशनुमा बना रहा। तीर्थयात्रियों की सीमित संख्या होने के कारण तीर्थयात्रियों को बदरीविशाल के दर्शन आसानी से हो गए। कई तीर्थयात्री धाम के गर्भगृह, परिसर, अमृत कुंड, लक्ष्मी मंदिर और शंकराचार्य गद्दी स्थल के समीप बैठकर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते रहे। तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम के दर्शन कर माणा गांव, भीम पुल, व्यास गुफा, शेषनाग और लक्ष्मी वन के दर्शनों को भी पहुंच रहे हैं।
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इलाहाबाद निवासी शंभू चरण और कमलनयन ने कहा कि बीते वर्ष आपदा के कारण उन्हें बदरीनाथ आने का कार्यक्रम निरस्त करना पड़ा था। इस बार जब अखबारों में चारधाम यात्रा शुरू होने की खबर पड़ी तो तीर्थयात्रा पर निकल पडे़। बदरीनाथ के बाद केदारनाथ धाम की तीर्थयात्रा करने के बाद ही घरों को लौटेंगे। पंजाब निवासी गुरुवेंद्र सिंह और सज्जन सिंह ने कहा कि बदरीनाथ आकर सुकून और आत्मीय शांति मिल रही है। यह स्थान मोक्षधाम है।
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पिछले वर्ष जब जून माह की आपदा की आपदा के बाद अगस्त माह में गुजरात के 40 तीर्थयात्रियों के दल ने बदरीनाथ पहुंचकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाए जाने को लेकर धाम में लाखों मंत्रों की आहूतियां दी थी। बीती 7 मई को जब उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा था तो बदरीनाथ के खानचौक स्थान में रहने वाले साधु बालकदास ने बदरीनाथ की महा अभिषेक पूजा, बाल भोग और रात्रि आठ बजे होने वाली शयन आरती तक की पूजाएं कराई। बामणी गांव के मोहन प्रसाद भट्ट और विनय मेहता ने भी नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाए जाने की मनौतियों को लेकर बदरीनाथ के गर्भगृह में विष्णुसहस्रनाम पाठ और दो लाख मंत्रों का जाप किया था।
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बदरीनाथ धाम में 1550 तीर्थयात्रियों ने टेका मत्था
गोपेश्वर। शुक्रवार को बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर 1550 तीर्थयात्री पहुंचे। धाम में दिनभर मौसम खुशनुमा बना रहा। तीर्थयात्रियों की सीमित संख्या होने के कारण तीर्थयात्रियों को बदरीविशाल के दर्शन आसानी से हो गए। कई तीर्थयात्री धाम के गर्भगृह, परिसर, अमृत कुंड, लक्ष्मी मंदिर और शंकराचार्य गद्दी स्थल के समीप बैठकर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते रहे। तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम के दर्शन कर माणा गांव, भीम पुल, व्यास गुफा, शेषनाग और लक्ष्मी वन के दर्शनों को भी पहुंच रहे हैं।
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इलाहाबाद निवासी शंभू चरण और कमलनयन ने कहा कि बीते वर्ष आपदा के कारण उन्हें बदरीनाथ आने का कार्यक्रम निरस्त करना पड़ा था। इस बार जब अखबारों में चारधाम यात्रा शुरू होने की खबर पड़ी तो तीर्थयात्रा पर निकल पडे़। बदरीनाथ के बाद केदारनाथ धाम की तीर्थयात्रा करने के बाद ही घरों को लौटेंगे। पंजाब निवासी गुरुवेंद्र सिंह और सज्जन सिंह ने कहा कि बदरीनाथ आकर सुकून और आत्मीय शांति मिल रही है। यह स्थान मोक्षधाम है।