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सिद्धपीठ कुरुड़ में नहीं हुई बलि
Chamoli
Updated Fri, 19 Apr 2013 05:30 AM IST
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गोपेश्वर। इस बार भी अष्ठमी पर्व पर सिद्धपीठ कुरुड़ में पशु बलि नहीं हुई। मां नंदा को श्रीफल चढ़ाकर ब्राह्मणों द्वारा पूजा-अर्चना संपन्न की गई। मंदिर में गत वर्ष भी प्रशासन की मुस्तैदी से अष्ठमी के मौके पर बलि नहीं हुई थी। इस बार मंदिर समिति और ग्रामीणों ने आपसी समन्वय से ही मंदिर में बलि प्रथा को पूर्ण रूप से बंद कर दिया। हालांकि मंदिर परिसर के बाहर घाट पुलिस चौकी प्रभारी प्रेम सिंह के नेतृत्व में पुलिस के जवान मौजूद थे।
पूर्व में श्रद्धालु मां नंदा को खुश करने के लिए अष्ठमी पर्व पर यहां 64 बलि देते थे, लेकिन अब भारी विरोध और श्रद्धालुओं के आपसी समन्वय से बलि प्रथा बंद हो गई है। बृहस्पतिवार को सुबह मंदिर में ब्राह्मणों द्वारा संकल्प पूजा संपन्न की गई।
हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक लक्ष्मण सिंह राणा ने बताया कि श्रद्धालुओं से बलि प्रथा को रोकने के लिए सहयोग की अपील की गई थी। शुक्रवार को राम नवमी के मौके पर श्रद्धालुओं को मां नंदा का प्रसाद भेंट किया जाएगा।
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पूर्व में श्रद्धालु मां नंदा को खुश करने के लिए अष्ठमी पर्व पर यहां 64 बलि देते थे, लेकिन अब भारी विरोध और श्रद्धालुओं के आपसी समन्वय से बलि प्रथा बंद हो गई है। बृहस्पतिवार को सुबह मंदिर में ब्राह्मणों द्वारा संकल्प पूजा संपन्न की गई।
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हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक लक्ष्मण सिंह राणा ने बताया कि श्रद्धालुओं से बलि प्रथा को रोकने के लिए सहयोग की अपील की गई थी। शुक्रवार को राम नवमी के मौके पर श्रद्धालुओं को मां नंदा का प्रसाद भेंट किया जाएगा।
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