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ढौंढियाल को यायावर स्मृति सम्मान
Chamoli
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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गैरसैंण। प्रसिद्ध राजनीतिक चिंतक, समाज सेवी और आंदोलनकारी चंद्र सिंह यायावर की तीसरी पुण्यतिथि पर शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राप्रावि स्यूंणी मल्ली के प्रधानाध्यापक को सम्मानित किया गया। इस मौके पर उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षा और शिक्षा अधिकार कानून विषय पर गोष्ठी भी आयोजित की गई।
विकास भवन सभागार में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय गैरसैंण के प्राचार्य डा. एके श्रीवास्तव ने ग्रास रूट पर पंचायत संस्थाओं को मजबूत करने की बात कही। कहा कि इस संबंध में वैयक्तिक एवं सामूहिक जिम्मेदारी का निर्वहन ही स्व. यायावर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस मौके पर समिति अध्यक्ष एवं प्रमुख जानकी रावत, एसबीएमए परियोजना प्रबंधक गिरीश डिमरी, उमंग के प्रदेश संयोजक गजेंद्र नौटियाल, बीआरसी समन्वयक आरएस रावत ने भी विचार रखे।
समिति के महासचिव डा. सीएस भंडारी के संचालन में हुए समारोह में जेएस रावत, एमएस रावत, डा. ताजबर पड़ियार, बीएस पंवार, पुष्कर सिंह रावत, स्व.यायावर के पुत्र राहुल रावत, गोपाल दत्त पंत, पदमपति श्रीस्वाल, प्रेम संगेला, एएस नेगी, एनएस बिष्ट, बीएस बुटोला, हीरा सिंह फनियाल आदि मौजूद थे। समिति ने राइंका मरोड़ा के शिक्षक लखपत रावत को शिक्षण में संचार माध्यमों के बेहतर उपयोग के लिए स्मृति चिन्ह भेंट किया।
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शिक्षक घनश्याम ढौंढियाल को अब तक मिले सम्मान
उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान 2008 (जिला से)
उत्कृष्ट शिक्षण सम्मान 2009 मुख्यमंत्री से
दक्षता पुरस्कार वर्ष 2010
स्वामी मनमंथन शिक्षा सम्मान 2011 और 2012
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विकास भवन सभागार में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय गैरसैंण के प्राचार्य डा. एके श्रीवास्तव ने ग्रास रूट पर पंचायत संस्थाओं को मजबूत करने की बात कही। कहा कि इस संबंध में वैयक्तिक एवं सामूहिक जिम्मेदारी का निर्वहन ही स्व. यायावर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस मौके पर समिति अध्यक्ष एवं प्रमुख जानकी रावत, एसबीएमए परियोजना प्रबंधक गिरीश डिमरी, उमंग के प्रदेश संयोजक गजेंद्र नौटियाल, बीआरसी समन्वयक आरएस रावत ने भी विचार रखे।
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समिति के महासचिव डा. सीएस भंडारी के संचालन में हुए समारोह में जेएस रावत, एमएस रावत, डा. ताजबर पड़ियार, बीएस पंवार, पुष्कर सिंह रावत, स्व.यायावर के पुत्र राहुल रावत, गोपाल दत्त पंत, पदमपति श्रीस्वाल, प्रेम संगेला, एएस नेगी, एनएस बिष्ट, बीएस बुटोला, हीरा सिंह फनियाल आदि मौजूद थे। समिति ने राइंका मरोड़ा के शिक्षक लखपत रावत को शिक्षण में संचार माध्यमों के बेहतर उपयोग के लिए स्मृति चिन्ह भेंट किया।
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शिक्षक घनश्याम ढौंढियाल को अब तक मिले सम्मान
उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान 2008 (जिला से)
उत्कृष्ट शिक्षण सम्मान 2009 मुख्यमंत्री से
दक्षता पुरस्कार वर्ष 2010
स्वामी मनमंथन शिक्षा सम्मान 2011 और 2012