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बदरीनाथ में वेद ऋचाओं का वाचन बंद
Chamoli
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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गोपेश्वर। पिछले छह माह से वेद ऋचाओं से गुंजायमान श्री बदरीनाथ धाम में शुक्रवार से वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो गया है। तड़के से ही वेद पुस्तक, खड़ग पुस्तक और भागवत पुराण की पुस्तकें श्री बदरीनाथ के गर्भगृह में रखी गई। देर सांय पूजा-अर्चना के साथ पुस्तकें छह माह के लिए बंद की गई। दो दिनों तक बिना पुस्तकों के ही श्री बदरीनाथ जी की पूजा-अर्चना की जाएगी। शनिवार को बदरीनाथ मंदिर परिक्रमा स्थल में स्थित लक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना के पश्चात कड़ाई भोग का आयोजन किया जाएगा।
शुक्रवार को तड़के से ही मंदिर के मुख्य पुजारी रावल विष्णु प्रसाद नंबूदरी तथा धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने श्री बदरीनाथ जी की अभिषेक पूजा के साथ ही विभिन्न पूजाएं संपन्न की। श्री बदरीनाथ जी के कपाट 18 नवंबर को सांय तीन बजकर 25 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद होंगे।
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शुक्रवार को तड़के से ही मंदिर के मुख्य पुजारी रावल विष्णु प्रसाद नंबूदरी तथा धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने श्री बदरीनाथ जी की अभिषेक पूजा के साथ ही विभिन्न पूजाएं संपन्न की। श्री बदरीनाथ जी के कपाट 18 नवंबर को सांय तीन बजकर 25 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद होंगे।
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