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क्षेत्र के ग्रामीणों को मिलेगा झूला पुल के निर्माण से लाभ
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देवाल। पिंडर नदी पर निर्माणाधीन बोरागाड़ झूला पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैै। झूला पुल बनने से जहां सात से अधिक गांव लाभान्वित होंगे वहीं क्षेत्र के लोग कुमाऊं मंडल से भी जुड़ जाएंगे।
वर्ष 2013 की आपदा में पिंडर एवं कैल नदी पर बना बोरागाड़ झूला पुल बह गया था। पुल बहने से ओडर, हरमल एवं सूपलीगाड़ क्षेत्र का आपस से संपर्क कट गया था। लोनिवि ने यहां हाईड्रॉलिक ट्राली लगवाई लेकिन ट्राली का नियमित संचालन नहीं होने से ग्रामीण परेशान रहे। वर्ष 2014 में स्वीकृत झूला पुल का निर्माण कार्य 2016 में शुरू हुआ था। पुल निर्माण से ब्लाक के लिंगड़ी, ओडर, बजई, उणीबगड़, कफलखेत, बमगन, थेईपातल सहित कुमाऊं के कई गांव हड़ाप, दाबू, सिमगड़ी सहित कई गांव को इसका लाभ मिलेगा। वहीं झूला पुल के संपर्क मार्ग को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। ग्राम प्रधान खिलाप सिंह, पूर्व प्रधान राजू भंडारी, सुजान सिंह, दर्वान सिंह, जगदीश, पान सिंह, गोपाल सिंह चिंतामणी, मोहन ने वर्ल्ड बैंक को ज्ञापन देकर एप्रोच सड़क ग्रामीणों की मांग के अनुसार बनाने की मांग की।
वर्ष 2013 की आपदा में पिंडर एवं कैल नदी पर बना बोरागाड़ झूला पुल बह गया था। पुल बहने से ओडर, हरमल एवं सूपलीगाड़ क्षेत्र का आपस से संपर्क कट गया था। लोनिवि ने यहां हाईड्रॉलिक ट्राली लगवाई लेकिन ट्राली का नियमित संचालन नहीं होने से ग्रामीण परेशान रहे। वर्ष 2014 में स्वीकृत झूला पुल का निर्माण कार्य 2016 में शुरू हुआ था। पुल निर्माण से ब्लाक के लिंगड़ी, ओडर, बजई, उणीबगड़, कफलखेत, बमगन, थेईपातल सहित कुमाऊं के कई गांव हड़ाप, दाबू, सिमगड़ी सहित कई गांव को इसका लाभ मिलेगा। वहीं झूला पुल के संपर्क मार्ग को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। ग्राम प्रधान खिलाप सिंह, पूर्व प्रधान राजू भंडारी, सुजान सिंह, दर्वान सिंह, जगदीश, पान सिंह, गोपाल सिंह चिंतामणी, मोहन ने वर्ल्ड बैंक को ज्ञापन देकर एप्रोच सड़क ग्रामीणों की मांग के अनुसार बनाने की मांग की।
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