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ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्र वर्षों से बिना निजी भवनों के हो रहे संचालित
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कर्णप्रयाग। कर्णप्रयाग ब्लॉक के गांवों और नगर में संचालित 74 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 47 केंद्र पंचायत भवनों, 24 निजी भवनों और 3 केंद्र किराए के भवनों में चल रहे हैं। स्थिति यह है कि इन केंद्रों में पेयजल, शौचालय की सुविधाएं भी नहीं हैं।
बाल विकास परियोजना के माध्यम से शासन और प्रशासन की ओर से कर्णप्रयाग के नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित 47 आंगनबाड़ी केंद्र पंचायत भवनों और तीन केंद्र किराए के भवनों में वर्षों से चल हैं। स्थिति यह है कि 36 केंद्रों में पेयजल और 38 केंद्रों में शौचालय की सुविधाएं नहीं होने से बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दिनेश चंद्र, प्रदीप कुमार, अनिल कुमार और नरेश चंद्र आदि ने शासन-प्रशासन से आंगनबाड़ी केंद्रों के निजी भवनों के निर्माण कर आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की। उधर कर्णप्रयाग की बाल विकास परियोजना अधिकारी गंगोत्री भंडारी ने बताया कि शासन से आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों के निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति मिली है, लेकिन नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि नहीं मिलने से आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन नहीं बन पा रहे हैं।
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बाल विकास परियोजना के माध्यम से शासन और प्रशासन की ओर से कर्णप्रयाग के नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित 47 आंगनबाड़ी केंद्र पंचायत भवनों और तीन केंद्र किराए के भवनों में वर्षों से चल हैं। स्थिति यह है कि 36 केंद्रों में पेयजल और 38 केंद्रों में शौचालय की सुविधाएं नहीं होने से बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दिनेश चंद्र, प्रदीप कुमार, अनिल कुमार और नरेश चंद्र आदि ने शासन-प्रशासन से आंगनबाड़ी केंद्रों के निजी भवनों के निर्माण कर आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की। उधर कर्णप्रयाग की बाल विकास परियोजना अधिकारी गंगोत्री भंडारी ने बताया कि शासन से आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों के निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति मिली है, लेकिन नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि नहीं मिलने से आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन नहीं बन पा रहे हैं।
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