{"_id":"62f91d80677ee86af90a77e3","slug":"32-families-of-faki-village-facing-disaster-gopeshwar-news-drn4199988137","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपदा का दंश झेल रहे फाकी गांव के 32 परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपदा का दंश झेल रहे फाकी गांव के 32 परिवार
विज्ञापन
विकासखंड नंदानगर के कनोल ग्राम पंचायत के फाकी तोक के 32 परिवार आपदा का दंश झेल रहे हैं। 12 जुलाई की रात को गांव के समीप भूस्खलन होने से गांव का पैदल मार्ग, पेयजल और विद्युत लाइन बह गई थी लेकिन आज तक स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। ग्रामीणों को क्षतिग्रस्त पैदल रास्तों से ही आवाजाही करनी पड़ रही है। कहा कि गांव के आठ आवासीय मकान भूस्खलन की जद में आ गए हैं।
फाकी गांव के ठीक शीर्ष भाग में सितेल-छुरागाड़-कनोल (11 किमी) सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। पिछले वर्ष सड़क का कॉजवे बंद होने से बारिश का पानी गांव की ओर आ गया था। तब भी यहां भूस्खलन हुआ था। बीते जुलाई माह में भारी बारिश के दौरान उसी जगह पर भूस्खलन होने से पैदल रास्ता पूरी तरह से तहस-नहस हो गया है। रास्ते पर हाल ही में स्थापित पैदल पुलिया भी बह गई है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य कंचन सिंह, महेंद्र सिंह, तारा सिंह और प्रताप सिंह का कहना है कि बारिश होने पर ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं। कहा कि गांव के आंगनबाड़ी केंद्र का भवन पूरी तरह से भूस्खलन की चपेट में आ गया है। गांव के मेहरबान राम, बलवंत, प्रतापी राम, रमेश राम, गणेशी देवी, आलम राम, मानूली देवी और सुरेंद्र सिंह के आवासीय भवन भी भूस्खलन से खतरे की जद में हैं। उन्होंने गांव की सुरक्षा के लिए भूस्खलन क्षेत्र में चेकडैम निर्माण करने, यहां स्टील गार्डर पुल निर्माण और लोद तोक से पेयजल योजना के निर्माण की मांग उठाई है।
विज्ञापन
इधर, नंदानगर के नायब तहसीलदार राकेश चंद्र देवली का कहना है कि फाकी तोक में आपदा से हुए नुकसान की रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी गई है। गांव के पैदल रास्ते और पेयजल योजना का निर्माण किया जाएगा। गांव में सुरक्षात्मक कार्य करवाए जाएंगे।
विज्ञापन
फाकी गांव के ठीक शीर्ष भाग में सितेल-छुरागाड़-कनोल (11 किमी) सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। पिछले वर्ष सड़क का कॉजवे बंद होने से बारिश का पानी गांव की ओर आ गया था। तब भी यहां भूस्खलन हुआ था। बीते जुलाई माह में भारी बारिश के दौरान उसी जगह पर भूस्खलन होने से पैदल रास्ता पूरी तरह से तहस-नहस हो गया है। रास्ते पर हाल ही में स्थापित पैदल पुलिया भी बह गई है।
विज्ञापन
क्षेत्र पंचायत सदस्य कंचन सिंह, महेंद्र सिंह, तारा सिंह और प्रताप सिंह का कहना है कि बारिश होने पर ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं। कहा कि गांव के आंगनबाड़ी केंद्र का भवन पूरी तरह से भूस्खलन की चपेट में आ गया है। गांव के मेहरबान राम, बलवंत, प्रतापी राम, रमेश राम, गणेशी देवी, आलम राम, मानूली देवी और सुरेंद्र सिंह के आवासीय भवन भी भूस्खलन से खतरे की जद में हैं। उन्होंने गांव की सुरक्षा के लिए भूस्खलन क्षेत्र में चेकडैम निर्माण करने, यहां स्टील गार्डर पुल निर्माण और लोद तोक से पेयजल योजना के निर्माण की मांग उठाई है।
विज्ञापन
इधर, नंदानगर के नायब तहसीलदार राकेश चंद्र देवली का कहना है कि फाकी तोक में आपदा से हुए नुकसान की रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी गई है। गांव के पैदल रास्ते और पेयजल योजना का निर्माण किया जाएगा। गांव में सुरक्षात्मक कार्य करवाए जाएंगे।