{"_id":"5cd847f6bdec22077c355f39","slug":"31557678070-chamoli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले 11 लोगों को किया सम्मानित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले 11 लोगों को किया सम्मानित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गौचर। जंगल की आग को बुझाने के दौरान अपनी जान की कुर्बानी देने वाली वीरबाला बीना बिष्ट की स्मृति में रविवार से डांडाखाल गांव में दो दिवसीय मेला शुरू हो गया है। इस दौरान बीना के बलिदान को याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये गए। पर्यावरण रैली निकालकर वृक्षारोपण किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 11 लोगों को सम्मानित किया गया।
मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने किया। उन्होंने ने कहा कि बीना के बलिदान को हमेशा याद रखा जायेगा। मेले में जनता की मांग पर क्षेत्रीय विधायक और केदारनाथ वन प्रभाग के अधिकारियों ने जर्जर हालत मे पड़े बीना शहीद स्मारक के सौन्दर्यीकरण में सहयोग देने का आश्वासन दिया। 30 अप्रैल 1999 को जंगल की आग बुझाते समय बरतोली गांव की 14 वर्षीय बीना बिष्ट बुरी तरह झुलस गयी थी। इसके बाद 12 दिनों तक सीएचसी कर्णप्रयाग में जीवन और मौत से जूझते हुए 12 मई 1999 को दम तोड़ दिया था। बीना की स्मृति में वर्ष 1999 से बीना स्मृति फाउंडेशन, लोक जागृति विकास संस्था और जनदेश संस्था उर्गम के माध्यम से पर्यावरण, शिक्षा, लोक संस्कृति, जन सरोकार और पत्रकारिता के क्षेत्र में सम्मान दिया जा रहा है। लोक जागृति विकास संस्था के सचिव जितेंद्र कुमार ने बीना के बलिदान पर आधारित...व त्येरी ऋतु बंसत बौड़िक आंदा, मनखी बौड़ी नि आंदा..मार्मिक गीत गाया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के लिए जन-जागरूकता और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये।
-इनको किया सम्मानित
समारोह में भुवन नौटियाल, पुडियाणी गांव की ममंद अध्यक्ष लीला देवी और केदारनाथ वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार गौड़ को पर्यावरण, पत्रकार प्रभात पुरोहित को पत्रकारिता, शिक्षिका बीना मैठाणी, शिक्षक दिनेश बधाणी, हरेंन्द्र सिंह बिष्ट, राइंका कर्णप्रयाग के प्रधानाचार्य बीरपाल रावत तथा इसी विद्यालय के प्रवक्ता रामलाल आर्य को शिक्षा तथा नारायणबगड़ के पूर्व प्रमुख रहे नरेंन्द्र सिंह भंडारी को जन सरोकारों के लिए बीना स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने किया। उन्होंने ने कहा कि बीना के बलिदान को हमेशा याद रखा जायेगा। मेले में जनता की मांग पर क्षेत्रीय विधायक और केदारनाथ वन प्रभाग के अधिकारियों ने जर्जर हालत मे पड़े बीना शहीद स्मारक के सौन्दर्यीकरण में सहयोग देने का आश्वासन दिया। 30 अप्रैल 1999 को जंगल की आग बुझाते समय बरतोली गांव की 14 वर्षीय बीना बिष्ट बुरी तरह झुलस गयी थी। इसके बाद 12 दिनों तक सीएचसी कर्णप्रयाग में जीवन और मौत से जूझते हुए 12 मई 1999 को दम तोड़ दिया था। बीना की स्मृति में वर्ष 1999 से बीना स्मृति फाउंडेशन, लोक जागृति विकास संस्था और जनदेश संस्था उर्गम के माध्यम से पर्यावरण, शिक्षा, लोक संस्कृति, जन सरोकार और पत्रकारिता के क्षेत्र में सम्मान दिया जा रहा है। लोक जागृति विकास संस्था के सचिव जितेंद्र कुमार ने बीना के बलिदान पर आधारित...व त्येरी ऋतु बंसत बौड़िक आंदा, मनखी बौड़ी नि आंदा..मार्मिक गीत गाया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के लिए जन-जागरूकता और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये।
विज्ञापन
-इनको किया सम्मानित
समारोह में भुवन नौटियाल, पुडियाणी गांव की ममंद अध्यक्ष लीला देवी और केदारनाथ वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार गौड़ को पर्यावरण, पत्रकार प्रभात पुरोहित को पत्रकारिता, शिक्षिका बीना मैठाणी, शिक्षक दिनेश बधाणी, हरेंन्द्र सिंह बिष्ट, राइंका कर्णप्रयाग के प्रधानाचार्य बीरपाल रावत तथा इसी विद्यालय के प्रवक्ता रामलाल आर्य को शिक्षा तथा नारायणबगड़ के पूर्व प्रमुख रहे नरेंन्द्र सिंह भंडारी को जन सरोकारों के लिए बीना स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया।
विज्ञापन