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बिना पानी कैसे होगी धान की रोपाई
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थराली। तहसील थराली के चिड़ंगा मल्ला गांव में सिंचाई विभाग की लापरवाही से काश्तकारों की खेतीबाड़ी चौपट हो रही है। गांव में कल्याणी नहर, झूलागाड़ नहर, झड़िया नहर और अखोड़सारी नहरें हैं, लेकिन सभी क्षतिग्रस्त हैं और उन में पानी नहीं चल रहा है।
चिडंगा मल्ला गांव में नहरों में पानी नहीं आने से आधे से अधिक भूमि बंजर हो गई हैं। गांव में रह रहे काश्तकारों के सामने धान की खेती की रोपाई करने की समस्या बनी है। झड़िया के हरीश चन्द्र मिश्रा, गणेश दत मिश्रा, दिनेश चन्द्र, रमेश चन्द्र संतोष कुमार का कहना है कि यदि नहर में पानी डाल भी रहे हैं तो लीकेज होकर मकानों के अंदर आ रहा है। कहा कि कई बार सिंचाई विभाग को लिखित पत्र भी दिया है, लेकिन सिंचाई विभाग पिछले चार सालों से काश्तकारों की समस्या का समाधान नहीं कर रहा है। यदि सिंचाई विभाग समय से नहरों की मरम्मत नहीं करेगा तो ग्रामीण अपने पशुओं के साथ सिंचाई विभाग के सामने डेरा डाल देंगें। सिंचाई विभाग के सहायक अभियन्ता राजकुमार ने कहा कि विभाग के पास बजट ही नहीं है। प्रधानमन्त्री सिंचाई योजना में नहरों के निर्माण का प्रस्ताव रखा है, जब पास होगा तब नहरों की मरम्मत की जायेगी।
नहीं मिल रहा पर्याप्त पानी
कर्णप्रयाग। बमोथ गांव में अनियमित पेयजल की आपूर्ति से लोगों को पीने का पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। नीरज पंत, प्रीतम सिंह, अजय, बैशाखू, जसपाल आदि ने जल संस्थान के अधिकारियों से मुलाकात कर कहा कि कम पानी नहीं आने के कारण उनको घंटों लाइन में लगकर पानी लाना पड़ रहा है। न्यू डिम्मर के ग्रामीणों ने अधिकारियों से दूषित पेयजल की आपूर्ति की शिकायत की । ग्रामीणों का कहना है कि गोपी डिमरी, बीएन डिमरी, हर्षवर्धन डिमरी, नरेश चन्द्र आदि ने कहा कि टटासू गधेरा पेयजल श्रोत से उनके क्षेत्र में पानी की आपूर्ति होती है। श्रोत पर जल संस्थान द्वारा फिल्टर नहीं लगाया गया है। ऐसे में पानी से होने वाली बीमारी फैलने का खतरा बना है। ग्रामीणों ने साफ पानी की आपूर्ति करने की मांग की।
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चिडंगा मल्ला गांव में नहरों में पानी नहीं आने से आधे से अधिक भूमि बंजर हो गई हैं। गांव में रह रहे काश्तकारों के सामने धान की खेती की रोपाई करने की समस्या बनी है। झड़िया के हरीश चन्द्र मिश्रा, गणेश दत मिश्रा, दिनेश चन्द्र, रमेश चन्द्र संतोष कुमार का कहना है कि यदि नहर में पानी डाल भी रहे हैं तो लीकेज होकर मकानों के अंदर आ रहा है। कहा कि कई बार सिंचाई विभाग को लिखित पत्र भी दिया है, लेकिन सिंचाई विभाग पिछले चार सालों से काश्तकारों की समस्या का समाधान नहीं कर रहा है। यदि सिंचाई विभाग समय से नहरों की मरम्मत नहीं करेगा तो ग्रामीण अपने पशुओं के साथ सिंचाई विभाग के सामने डेरा डाल देंगें। सिंचाई विभाग के सहायक अभियन्ता राजकुमार ने कहा कि विभाग के पास बजट ही नहीं है। प्रधानमन्त्री सिंचाई योजना में नहरों के निर्माण का प्रस्ताव रखा है, जब पास होगा तब नहरों की मरम्मत की जायेगी।
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नहीं मिल रहा पर्याप्त पानी
कर्णप्रयाग। बमोथ गांव में अनियमित पेयजल की आपूर्ति से लोगों को पीने का पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। नीरज पंत, प्रीतम सिंह, अजय, बैशाखू, जसपाल आदि ने जल संस्थान के अधिकारियों से मुलाकात कर कहा कि कम पानी नहीं आने के कारण उनको घंटों लाइन में लगकर पानी लाना पड़ रहा है। न्यू डिम्मर के ग्रामीणों ने अधिकारियों से दूषित पेयजल की आपूर्ति की शिकायत की । ग्रामीणों का कहना है कि गोपी डिमरी, बीएन डिमरी, हर्षवर्धन डिमरी, नरेश चन्द्र आदि ने कहा कि टटासू गधेरा पेयजल श्रोत से उनके क्षेत्र में पानी की आपूर्ति होती है। श्रोत पर जल संस्थान द्वारा फिल्टर नहीं लगाया गया है। ऐसे में पानी से होने वाली बीमारी फैलने का खतरा बना है। ग्रामीणों ने साफ पानी की आपूर्ति करने की मांग की।
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