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दो दिन बाद वाहनों की आवाजाही के लिए खुला मलारी हाईवे
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जोशीमठ। सलधार में चट्टान टूटने से दो दिनों से बंद पड़ा जोशीमठ-मलारी हाईवे शनिवार को वाहनों की आवाजाही के लिए खुल गया। हालांकि यहां अभी भी हाईवे खतरनाक बना हुआ है। हाईवे के हिल साइड अभी भी बड़े-बड़े बोल्डर अटके हुए हैं।
जोशीमठ-मलारी हाईवे पर बृहस्पतिवार को चट्टान टूटकर गिर गई थी जिससे यहां हाईवे छह मीटर तक ध्वस्त हो गया था। तब से बीआरओ हाईवे खोलने में जुटा था। शुक्रवार रात को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की जेसीबी ने बोल्डरों को तोड़ा और रात करीब ग्यारह बजे हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया। बीआरओ के मेजर अमित चतुर्वेदी ने बताया कि हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। अब यहां हाईवे का सुधारीकरण कार्य किया जाएगा। हाईवे सुचारु होने पर सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों के साथ ही सेना और आईटीबीपी के जवानों ने राहत की सांस ली। हालांकि अभी भी हाईवे किनारे बोल्डर अटके हुए हैं, जिससे यहां खतरे के बीच वाहनों की आवाजाही हो रही है।
जोशीमठ-मलारी हाईवे पर बृहस्पतिवार को चट्टान टूटकर गिर गई थी जिससे यहां हाईवे छह मीटर तक ध्वस्त हो गया था। तब से बीआरओ हाईवे खोलने में जुटा था। शुक्रवार रात को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की जेसीबी ने बोल्डरों को तोड़ा और रात करीब ग्यारह बजे हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया। बीआरओ के मेजर अमित चतुर्वेदी ने बताया कि हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। अब यहां हाईवे का सुधारीकरण कार्य किया जाएगा। हाईवे सुचारु होने पर सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों के साथ ही सेना और आईटीबीपी के जवानों ने राहत की सांस ली। हालांकि अभी भी हाईवे किनारे बोल्डर अटके हुए हैं, जिससे यहां खतरे के बीच वाहनों की आवाजाही हो रही है।
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