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बमोथ गांव में एक माह से अनियमित पेयजल आपूर्ति से ग्रामीण परेशान
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पीपलकोटी। बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर पीपलकोटी बाजार में स्थानीय लोगों के साथ ही तीर्थयात्रियों को भी पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है। एक माह से यहां करीब दो हजार की आबादी टैंकरों से पेयजल आपूर्ति कर रही है। लोगों का कहना है कि जल निगम की ओर से पीपलकोटी के लिए प्रस्तावित पेयजल योजना का निर्माण शुरू नहीं किया जा रहा है, जिससे समस्या बनी हुई है। कई होटलों में भी पानी न आने पर तीर्थयात्रियों को कमरा भी नहीं दिया जा रहा है।
वर्ष 2013 की आपदा के दौरान पीपलकोटी पेयजल लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी। जल संस्थान की ओर से पेयजल योजना का सुधारीकरण तो किया गया लेकिन पेयजल लाइन के स्रोत पर पानी की मात्रा कम हो गई है, जिससे बाजार में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वर्ष 2017 में जल निगम गोपेश्वर की ओर से पीपलकोटी-पाखी पेयजल योजना के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया लेकिन आज तक इस प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। काली कमली धर्मशाला के साथ ही कई होटल मालिक पानी न होने से तीर्थयात्रियों को भी नहीं ठहरा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और तीर्थयात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। होटल व्यवसायी सज्जन लाल शाह और सुनील शाह का कहना है कि पेयजल आपूर्ति न होने से निजी वाहनों से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले डीएम ने सभी विभागों को यात्रा मार्ग पर पानी की चाक-चौबंद व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे, लेकिन यह निर्देश धरातल पर नहीं उतरे। इधर, जल संस्थान के ईई पीके सैनी का कहना है कि पेयजल स्रोत पर पानी की मात्रा कम होने से किल्लत हो रही है। बाजार क्षेत्र में नियमित टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
बमोथ में एक माह से पानी को तरसे
ग्रामीण दो किमी दूरी तय कर स्रोत से कर रहे पेयजल आपूर्ति
दो दिन में सुचारु पेयजल आपूर्ति न करने पर आंदोलन की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
कर्णप्रयाग। ग्राम पंचायत बमोथ में एक माह से पेयजल की अनियमित आपूर्ति होने से ग्रामीणों पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने नियमित पानी की आपूर्ति न होने पर जल संस्थान के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर रोष जताया। उन्होंने कहा यदि दो दिन में पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं की जाती तो खाली बर्तनों के साथ जिला मुख्यालय गोपेश्वर में आंदोलन करेंगे।
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बमोथ के सुनील चमोली, रॉबिन मल्ल, गगनदीप सिलोड़ी, राजेश पंत, रमेश भंडारी, पवन लखेड़ा, सिकंदर भट्ट, अभिषेक नेगी आदि ने बताया कि बमोथ गांव में गडूना गदेरे पेयजल स्रोत से पेयजल आपूर्ति होती है, लेकिन जल संस्थान के कर्मियों की लापरवाही से एक माह से गांव में पेयजल की अनियमित आपूर्ति बनी है। इस कारण ग्रामीणों को दो किमी दूरी तय कर निजी और किराए के वाहनों से गुंदयाड़ी तोक के पेयजल स्रोत से पेयजल आपूर्ति करनी पड़ रही है। उधर जल संस्थान गोपेश्वर के अधिशासी अभियंता प्रवीन शैली ने बताया कि विभागीय कर्मियों को दो दिन में बमोथ गांव में पेयजल आपूर्ति को सुचारु करने के लिए निर्देशित किया गया है। वहीं ग्राम पंचायत डिम्मर के न्यू डिम्मर-विद्यापीठ बस्ती के उपभोक्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन देकर अज्ञात लोगों की ओर से टटासू गदेरे पेयजल स्रोत में तोड़फोड़ से पेयजल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत की। ज्ञापन में आवास विकास समिति के अध्यक्ष पवन डिमरी, जयदीप गैरोला, रविंद्र खंडूड़ी और अखिलेश डिमरी आदि के हस्ताक्षर हैं।
एक किलोमीटर दूर से ढोना पड़ रहा पानी
जोशीमठ। नगर के दौडिल और मल्ला सुनील वार्ड में एक माह से पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीण एक किलोमीटर दूर से पेयजल आपूर्ति कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जल संस्थान के अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद पेयजल आपूर्ति नहीं की जा रही है। वार्ड सदस्य कल्पेश्वरी देवी का कहना है कि मल्ला सुनील वार्ड के समीप पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से पेयजल की अनियमित आपूर्ति हो रही है। ऐसे में एक किमी दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। इधर, जल संस्थान के अवर अभियंता संदीप आर्य का कहना है कि पेयजल लाइन के पाइपों में कचरा फंसने से पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है। लाइन को ठीक किया जा रहा है। जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
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वर्ष 2013 की आपदा के दौरान पीपलकोटी पेयजल लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी। जल संस्थान की ओर से पेयजल योजना का सुधारीकरण तो किया गया लेकिन पेयजल लाइन के स्रोत पर पानी की मात्रा कम हो गई है, जिससे बाजार में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वर्ष 2017 में जल निगम गोपेश्वर की ओर से पीपलकोटी-पाखी पेयजल योजना के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया लेकिन आज तक इस प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। काली कमली धर्मशाला के साथ ही कई होटल मालिक पानी न होने से तीर्थयात्रियों को भी नहीं ठहरा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और तीर्थयात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। होटल व्यवसायी सज्जन लाल शाह और सुनील शाह का कहना है कि पेयजल आपूर्ति न होने से निजी वाहनों से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले डीएम ने सभी विभागों को यात्रा मार्ग पर पानी की चाक-चौबंद व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे, लेकिन यह निर्देश धरातल पर नहीं उतरे। इधर, जल संस्थान के ईई पीके सैनी का कहना है कि पेयजल स्रोत पर पानी की मात्रा कम होने से किल्लत हो रही है। बाजार क्षेत्र में नियमित टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
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बमोथ में एक माह से पानी को तरसे
ग्रामीण दो किमी दूरी तय कर स्रोत से कर रहे पेयजल आपूर्ति
दो दिन में सुचारु पेयजल आपूर्ति न करने पर आंदोलन की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
कर्णप्रयाग। ग्राम पंचायत बमोथ में एक माह से पेयजल की अनियमित आपूर्ति होने से ग्रामीणों पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने नियमित पानी की आपूर्ति न होने पर जल संस्थान के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर रोष जताया। उन्होंने कहा यदि दो दिन में पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं की जाती तो खाली बर्तनों के साथ जिला मुख्यालय गोपेश्वर में आंदोलन करेंगे।
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बमोथ के सुनील चमोली, रॉबिन मल्ल, गगनदीप सिलोड़ी, राजेश पंत, रमेश भंडारी, पवन लखेड़ा, सिकंदर भट्ट, अभिषेक नेगी आदि ने बताया कि बमोथ गांव में गडूना गदेरे पेयजल स्रोत से पेयजल आपूर्ति होती है, लेकिन जल संस्थान के कर्मियों की लापरवाही से एक माह से गांव में पेयजल की अनियमित आपूर्ति बनी है। इस कारण ग्रामीणों को दो किमी दूरी तय कर निजी और किराए के वाहनों से गुंदयाड़ी तोक के पेयजल स्रोत से पेयजल आपूर्ति करनी पड़ रही है। उधर जल संस्थान गोपेश्वर के अधिशासी अभियंता प्रवीन शैली ने बताया कि विभागीय कर्मियों को दो दिन में बमोथ गांव में पेयजल आपूर्ति को सुचारु करने के लिए निर्देशित किया गया है। वहीं ग्राम पंचायत डिम्मर के न्यू डिम्मर-विद्यापीठ बस्ती के उपभोक्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन देकर अज्ञात लोगों की ओर से टटासू गदेरे पेयजल स्रोत में तोड़फोड़ से पेयजल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत की। ज्ञापन में आवास विकास समिति के अध्यक्ष पवन डिमरी, जयदीप गैरोला, रविंद्र खंडूड़ी और अखिलेश डिमरी आदि के हस्ताक्षर हैं।
एक किलोमीटर दूर से ढोना पड़ रहा पानी
जोशीमठ। नगर के दौडिल और मल्ला सुनील वार्ड में एक माह से पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीण एक किलोमीटर दूर से पेयजल आपूर्ति कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जल संस्थान के अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद पेयजल आपूर्ति नहीं की जा रही है। वार्ड सदस्य कल्पेश्वरी देवी का कहना है कि मल्ला सुनील वार्ड के समीप पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से पेयजल की अनियमित आपूर्ति हो रही है। ऐसे में एक किमी दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। इधर, जल संस्थान के अवर अभियंता संदीप आर्य का कहना है कि पेयजल लाइन के पाइपों में कचरा फंसने से पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है। लाइन को ठीक किया जा रहा है। जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।