फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   central government reduced crop insurance premiums

अन्नदाताओं पर केंद्र मेहरबान, फसल बीमा का प्रीमियम घटा

Tue, 19 Apr 2016 08:58 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 19 Apr 2016 08:58 AM IST
विज्ञापन
central government reduced crop insurance premiums
किसान - फोटो : amar ujala

उत्तराखंड के लाखों किसानों पर मेहरबान केंद्र सरकार ने एक और तोहफा दे दिया है। केंद्र ने फसल बीमा योजना में संशोधन करते हुए बीमा के प्रीमियम को पांच फीसदी से घटाकर दो और डेढ़ फीसदी कर दिया है।

विज्ञापन


इतना ही नहीं केंद्र ने अब फसल बीमा योजना को बिना लोन वाली फसलों पर भी लागू कर दिया है। केंद्र सरकार की इस मेहरबानी से राज्य के नौ लाख 12 हजार किसानों को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन


कृषि निदेशक गौरीशंकर आर्य के मुताबिक केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने फसल बीमा योजना में बदलाव करते हुए फसल बीमा योजना के प्रीमियम को घटा दिया है। मंत्रालय ने रबी और खरीफ की फसलों के लिए प्रीमियम की अलग-अलग दरें तय कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


खरीफ की फसलों मसलन धान और मंडवा जैसी फसलों का बीमा कराते समय किसानों को बीमित राशि का महज दो फीसदी भुगतान करना होगा। जबकि गेहूं जैसी रबी की फसलों के लिए बीमित राशि का महज डेढ़ फीसदी भुगतान करना होगा।

बीमित राशि का पांच फीसदी करना होगा भुगतान

central government reduced crop insurance premiums

वहीं आम, माल्टा, सेब, नाशपाती जैसे फलों की बागवानी के लिए बीमित राशि का पांच फीसदी भुगतान करना होगा। कृषि निदेशक आर्य के मुताबिक योजना के लागू होने के बाद राज्य के नौ लाख 12 हजार किसानों को लाभ मिलेगा, जो 7,02,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खेती करते हैं।

निदेशक ने बताया कि नई नीति के तहत फसल बीमा योजना का लाभ अब उन किसानों को भी मिलेगा, जो किसी बैंक से ऋण लिए बिना खेती करते है। यानी अब राज्य के हर किसानों को फसल बीमा योजना से जोड़ दिया है। फसल बीमा में अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, चक्रवात, अग्निकांड जैसी आपदाओं से तबाह होने वाली फसलों को बीमा के दायरे में लाया गया है।

दरअसल राज्य में हर साल प्राकृतिक आपदाओं से लाखों किसानों की फसलों को नुकसान होता है, लेकिन फसल बीमा योजना के तहत बीमित नहीं होने की वजह से किसानों को फूटी कौड़ी नहीं मिल पाती थी। अब जबकि योजना लागू कर दी गई है तो आने वाले समय में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से फसलें बर्बाद होने की स्थिति में कम से कम तो वित्तीय राहत मिलेगी?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed