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मरीज घर पर, लेकिन अस्पताल से डॉक्टर जानेंगे उसके दिल का हाल

Tue, 26 Apr 2016 07:48 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 26 Apr 2016 07:48 PM IST
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cardiac re-synchronization therapy

दिल के मरीजों की जान अब एक सीआरटी (कार्डियर रीसिंक्रोनाइजेशन थेरेपी) डिवाइस से बचेगी। उत्तराखंड में पहली बार यह अत्याधुनिक चिकित्सा मैक्स अस्पताल ने शुरू की है। यह डिवाइस लगवाने के बाद मरीज को बार-बार डॉक्टर के पास जांच नहीं करानी पड़ेगी। डॉक्टर अपने अस्पताल से ही आपके दिल की सभी गतिविधियां जान सकेंगे।

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मंगलवार को सुभाष रोड स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में मैक्स अस्पताल की कार्डियोलोजी कंसलटेंट डॉ. प्रीति शर्मा ने बताया कि सीआरटी डिवाइस और इंटरनेट से एक रिमोट कनेक्ट किया जाएगा जो दिल्ली में लगे सर्वर से ऑपरेट होगा। यह रिमोट ब्लूटूथ की तरह काम करेगा। मरीज को इसे हमेशा अपने साथ रखना है।
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जब भी हार्ट में कोई परेशानी होगी तो तरंगों के माध्यम से यह डेटा सर्वर तक पहुंच जाएगा। जो सीधे अस्पताल में चिकित्सक के कंप्यूटर से कनेक्ट होगा। सिग्नल मिलते ही डॉक्टर मरीज को संपर्क कर जांच के लिए बुलाएंगे। सीनियर कंसलटेंट डॉ. पुनीश सदाना ने कहा कि मैक्स अस्पताल में मरीजों को सेल्युलर रिमोट की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा दिल्ली में उपलब्ध है।
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इसे लेने के लिए तकरीबन डेढ़ लाख रुपये तक का खर्चा आएगा। सिंगापुर के नेशनल यूनिवर्सिटी हार्ट सेंटर के कार्डियक इलेक्ट्रोफिजियोलोजी एंड पेसिंग के डायरेक्टर डॉ. स्वी-चोंग सियो ने कहा कि हार्ट फेल का मतलब यह नहीं है कि हार्ट ने काम करना बंद कर दिया है। बल्कि जब हार्ट की पंपिंग क्षमता पहले से कमजोर हो जाती है तब हार्ट फेल होता है।

भारत में तकरीबन चार करोड़ लोगों को इसकी शिकायत है। सीआरटी डिवाइस न केवल हार्ट की पंपिंग क्षमता को बढ़ाने में मदद करती है बल्कि हृदय में होने वाले बदलावों के आंकड़ों को भी रिकॉर्ड करती है। इस दौरान मैक्स के यूनिट हेड ऑपरेशन डॉ. संदीप सिंह तंवर भी मौजूद रहे।


हार्ट फेलियर के लक्षण
हार्ट में दर्द, अकड़न, दबाव, अपच, शरीर के किसी हिस्से में तेज दर्द, नींद न आना, बिना कारण पसीना आना, दिल की धड़कन अचानक घटना और बढ़ना, खांसी के साथ गुलाबी बलगम आना आदि।

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