सरकार बहाली से उलझन में रही नौकरशाही
राष्ट्रपति शासन समाप्त कर सरकार बहाली को लेकर हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले को लेकर नौकरशाही में देर रात तक असमंजस में स्थिति रही। आला नौकरशाहों को यही समझ में नहीं आ रहा था कि आखिरकार वह क्या कदम उठाए?
राज्य संपत्ति और सचिवालय प्रशासन से जुड़े अफसरों को यह समझ में नहीं आ रहा था कि क्या मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों को सरकार की ओर से दी जाने वाली सरकारी सुविधाएं मुहैया करायी जाय या नहीं?
तमाम विभागों के अफसर मुख्य सचिव की ओर से आदेश जारी किए जाने का इंतजार करते रहे। राज्य संपत्ति और सचिवालय प्रशासन से जुडे़ तमाम आला अफसरों ने कहा कि जब तक उनके पास कोई लिखित आदेश नहीं आ जाता है तब तक वह कैसे सभी सरकारी सुविधाएं बहाल कर सकते हैं।
अदालत के फैसले को लेकर लगाए जा रहे थे तरह तरह के कयास
इससे पूर्व सचिवालय में दिन भर आला नौकरशाहों और कर्मचारियों के बीच अदालत के फैसले को लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे थे। कोई हरीश रावत की अगुवाई में कांग्रेस सरकार की वापसी के दावे कर रहा था तो कोई भाजपा सरकार के दावे कर रहा था।
लेकिन अपराह्न चार बजे के बाद नौकरशाहों को इस बात के संकेत मिलने लगे थे कि मुख्यमंत्री हरीश रावत की अग़ुवाई में सरकार का गठन होगा। आखिरकार अदालत का फैसला आने के बाद अब तस्वीर साफ हो चुकी है।
राज्य संपत्ति विभाग के एक आला अफसर ने कहा कि आदेश के बाद मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों को पूर्व की भांति सारी सरकारी सुविधाएं मुहैया करा दी जाएगी।