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...यहां खून की जांच में लगते हैं 72 घंटे
कोटद्वार/ब्यूरो
Updated Sun, 11 Aug 2013 02:11 PM IST
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उत्तराखंड के संयुक्त अस्पताल कोटद्वार में मरीजों को पैथोलॉजी जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। लैब सुबह आठ से ग्यारह बजे तक ही जांच का नमूना लेती है।
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दूसरी ओर अस्पताल में आठ बजे से दो बजे तक ओपीडी में मरीज देखे जाते हैं। जब तक डाक्टर जांच के लिए लिखते हैं, तब तक लैब बंद हो जाता है।
खून जांच के लिए तीन दिन
तब दूसरे दिन जांच के लिए नमूने दिए जाते हैं। जिसकी रिपोर्ट अगले दिन मिलती है। इस तरह एक जांच के लिए मरीज को तीन दिनों तक इंतजार में काटने पड़ते हैं।
अस्पताल की पैथोलॉजी में तीन तकनीशियन हैं। यहां प्रतिदिन औसतन 60 से 70 तक सैंपल लिए जाते हैं। शनिवार को भी 71 लोगों ने सैंपल दिए थे। जिनकी रिपोर्ट अगले दिन आ पाती है।
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शहर में नहीं दूसरा अस्पताल
शहर में अन्य कोई बड़ा अस्पताल न होने से राजकीय चिकित्सालय में अधिक भीड़ लगी रहती है। मरीजों की मांग है कि पैथोलॉजी का समय और अधिक बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि जांच में लंबा समय न लगे।
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पहाड़ के लोगों को दिक्कतः
जांच में लग रहे समय के कारण दूरस्थ क्षेत्र से आए लोगों को यहां दो से तीन दिन तक रुकना पड़ता है। अस्पताल में डाक्टरों की कमी होने से उन्हें ओपीडी, भर्ती मरीज और आकस्मिक रोगियों को भी देखना होता है। अस्पताल में औसतन प्रतिदिन में 500 मरीज इलाज के लिए आते हैं।
लोगों का कहना हैः
जब तक डाक्टर को दिखा कर लैब में आए तब तक वह बंद हो गया। लैब में जांच कराने में बहुत दिक्कत होती है। नंबर भी जल्दी नहीं आ पाता। लैब का समय 11 बजे से बढ़ाकर दो बजे तक होना चाहिए।
- चंद्र मोहन, निवासी कलालघाटी
मैं स्कूल से अपने बच्चों की खून की जांच करवाने आई थी, लेकिन जब तक मैं पर्ची लेकर यहां पहुंची लैब बंद हो गया। अब दूसरे दिन फिर आना पड़ेगा। जांच कराने में बहुत दिक्कत हो रही है। इसलिए लैब का समय भी दो बजे तक किया जाए।
-सुमन बिष्ट, निवासी नजीबाबाद रोड, कोटद्वार
इनकी भी सुनिएः
पूरे प्रदेश में लैब खुलने का यही समय है। हमने कुछ समय के लिए इसे बढ़ाया भी था, लेकिन इसके लिए व्यवस्था नहीं हो पाई। यह सब विभाग से ही निर्धारित होता है। किसी को ज्यादा दिक्कत है तो उसका सैंपल लिया जाता है। सबका सैंपल तय समय के बाद लेना संभव नहीं है।
-डा. आईएस सामंत, सीएमएस, संयुक्त चिकित्सालय कोटद्वार