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भाजपा को उसी के जाल में फंसाने में जुटी कांग्रेस
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 19 Apr 2016 09:23 PM IST
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भाजपा और कांग्रेस
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भाजपा की भ्रष्टाचार हटाओ यात्रा के जवाब में कांग्रेस ने मंगलवार को भाजपा को उसी के जाल में फंसाने के तेवर अख्तियार कर लिए। हरीश रावत पर विश्वास जता रही कांग्रेस ने भाजपा के हर आरोप की जांच की मांग कर भाजपा के लिए भी मुश्किल खड़ी कर दी है। भाजपा ने पहले पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, हरक सिंह रावत, अमृता रावत आदि पर भी भ्रष्टाचार के आरोप जड़े थे।
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ये सभी इस समय भाजपा के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्रियों की संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग कर कांग्रेस ने भगत सिंह कोश्यारी से लेकर रमेश पोखरियाल निशंक को भी लपेटे में ले लिया। राष्ट्रपति शासन लगने के बाद से कांग्रेस प्रदेश में खास आक्रामक नहीं रही है। कांग्रेस अपने हर कदम को फूंक-फूंक कर रखने की कोशिश में है।
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भाजपा की यात्रा कांग्रेस दबाव में
ऐसे में भाजपा की भ्रष्टाचार हटाओ यात्रा से कांग्रेस दबाव में भी है। प्रदेश में कांग्रेस भाजपा के खिलाफ कम और केंद्र सरकार के खिलाफ ज्यादा लड़ती हुई दिख रही है। वहीं भाजपा की सीधी लड़ाई प्रदेश में कांग्रेस से है। इस स्थिति को देखते हुए अब कांग्रेस ने राज्यपाल के जरिये भाजपा को उसी के अस्त्र से मात देने की रणनीति अपनाई है।
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कांग्रेस की ओर से राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन की मार कांग्रेस से अधिक भाजपा पर है। भाजपा ने आपदा राहत के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को जमकर कोसा था। इसके बाद, हरीश रावत की सरकार के समय पूर्व मंत्री अमृता रावत भी भाजपा के निशाने पर रहीं थीं।
हरक सिंह और शैला रानी रावत पर भी उठाई गई अंगुली
रुद्रप्रयाग में व्यापारियों को राहत दिए जाने के मामले में भाजपा ने हरक सिंह और शैला रानी रावत पर भी अंगुली उठाई थी। यह सभी इस समय भाजपा के साथ हैं और इस कारण भाजपा को इन विधायकों को लेकर चुप्पी साधनी पड़ रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पहले भी सारे आरोपों की जांच के लिए न्यायिक आयोग के गठन का ऐलान कर पाए थे। ऐसे में कांग्रेस को अब यह भी विश्वास है कि कम से कम हरीश रावत इस सारे मामले में फंसते हुए नजर नहीं आएंगे।
यही वजह भी रही कि कांग्रेस ने संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करने की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से ही की। इसी तरह सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों की संपत्ति का ब्यौरा जारी करने की मांग कर कांग्रेस ने निशंक, कोश्यारी और भुवन चंद्र खंडूड़ी को भी निशाने पर ले लिया।